के आसपास इलाके को मिला कर हर माह लगभग 40 हजार मोबाइल सेट की होती है बिक्री
सुबोध कुमार नंदन
पटना : पटना के माेबाइल बाजार पर लगभग 30 फीसदी कब्जा ऑनलाइन मोबाइल कारोबार का है. मोबाइल कंपनियों से मिली जानकारी के अनुसार राजधानी के आसपास इलाके को मिला कर हर माह लगभग 40 हजार मोबाइल सेट की बिक्री होती है. इसमें लगभग पांच फीसदी गैर ब्रांडेड मोबाइल सेट का हिस्सा भी शामिल हैं. कंपनियों के अधिकारियों की मानें, तो प्रति माह 25 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है.
बाजार से कम कीमत पर : शहर में असंगठित तरीके से ऑनलाइन मोबाइल बेचने वालों का बड़ा नेटवर्क है जो ऑनलाइन मोबाइल को खुदरा बाजार में कंपनी की कीमत से 500 से 1000 रुपये कम कीमत पर मोबाइल सेट ग्राहकों को उपलब्ध कराते हैं.
इसका नतीजा यह हुआ कि धीरे-धीरे कंपनी के शो रूम की बिक्री पर विपरीत असर पड़ने लगा है. इसी को लेकर मोबाइल विक्रेताओं ने एक संगठन बनाकर ऑनलाइन मोबाइल बेचने वाले के खिलाफ मुहिम पिछले सप्ताह शुरू किया है. शहर में 450 से अधिक मोबाइल के मल्टी स्टोर हैं जहां मल्टी नेशनल ब्रांड के मोबाइल ग्राहकों को एक ही छत के नीचे ग्राहकों को मिल जाता है. इसके अलावा एक हजार से अधिक मोबाइल के खुदरा विक्रेता हैं.
60 फीसदी मोबाइल फाइनेंस पर हैं बिकते
मोबाइल बाजार में बिकने वाले 60 फीसदी मोबाइल फाइनेंस पर बिकते हैं. कम से कम दस हजार कीमत वाले मोबाइल सेट खरीदने पर फाइनेंस कंपनियां फाइनेंस करती हैं. महज 40 फीसदी मोबाइल कारोबार कैश में होता है. यहीं कारण है कि फाइनेंस करनी वाली कंपनियां ग्राहकों पर मोबाइल का बीमा करने पर दबाव डाल कर अपने जाल में फंसती है.
शोरूम के प्रबंधकों की मानें तो बीमा कराने का लाभ फाइनेंस कंपनी को होता ही है. साथ में शोरूम के मालिकों को भी होता है. बीमा के नाम पर मोबाइल की कीमत का लगभग दस फीसदी तक फाइनेंस कंपनियां वसूलती हैं. जबकि क्लेम का लाभ ग्राहकों को सीधे तरीके से नहीं मिलता है. बीमा कंपनियां पेच फंसा ग्राहकों को परेशान करती है.
अनुमानित आंकड़ा
कीमत बिक्री संख्या (मासिक)
8 से 15 हजार 18,000
15 से 20 हजार 13,000
20 से 25 हजार 6,000
25 से 35 हजार 3,000
ऑनलाइन मोबाइल कारोबारियों के खिलाफ जंग जारी रहेगा. बहुत सा मॉडल है जो ऑनलाइन पर उपलब्ध है, लेकिन मोबाइल बाजार में वह उपलब्ध नहीं होता है. इसके कारण ग्राहक ऑनलाइन की ओर बढ़ रहे हैं. इस कारोबार के बढ़ने मोबाइल विक्रेताओं पर तो असर पर ही रहा है. साथ ही साथ राज्य सरकार को हर महीने राजस्व की हानि हो रही है.
संदीप श्रीवास्तव, कोर कमेटी के वरीय सदस्य, पटना मोबाइल रिटेलर संघ
