खुशबू की आत्महत्या का मामला, पति ने लगाया आरोप
पटना : आइजीआइएमएस नर्सिंग कॉलेज की छात्रा खुशबू की मौत मामले में उनके पति मिशुराज ने बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी खुशबू को काफी प्रताड़ित किया जा रहा था. इतना ही नहीं आइजीआइएमएस के मेल टीचर खुशबू सहित कई लड़कियों पर सेक्सुअल रिलेशन का दबाव बना रहे थे.
आत्महत्या से एक दिन पहले पत्नी ने मेरे मोबाइल पर फोन किया तो वह काफी परेशान थी. अगर सही तरीके से जांच किया जाये तो मामले की सच्चाई खुद सामने आ जायेगी. मंगलवार को अदालतगंज स्थित जनशक्ति भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मिशु राज ने मांग की कि मामले में बयान दर्ज कराने वाली नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं को पुलिस सुरक्षा दी जाये. साथ ही एफआइआर में शामिल लोगों के कॉलेज परिसर में प्रवेश पर रोक लगायी जाये. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार महिला समाज, डब्लूएसएस, एनसीडीएचआर व बिहार अंबेडकर विद्यार्थी मंच की ओर से आयोजित की गयी थी.
प्रिंसिपल की छुट्टी नहीं, सस्पेंड किया जाये
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिहार महिला समाज संगठन की कार्यकारी अध्यक्ष निवेदिता झा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग व संस्थान की ओर से कुल तीन जांच कमेटी गठित की गयी है, लेकिन तीनों कमेटी अभी तक अपना रिपोर्ट नहीं दे पायी है. जांच के नाम पर नर्सिंग कॉलेज की लड़कियों को बुलाया जा रहा, इतना ही नहीं संस्थान की ओर से उनको फेल करने के लिए दबाव भी बनाया जा रहा है. निवेदिता ने कहा कि खानापूर्ति के लिए नर्सिंग कॉलेज की प्रिंसिपल को छुट्टी पर भेज दिया गया है, लेकिन हम लोग प्रिंसिपल को सस्पेंड करने की मांग करते हैं.
सीसीटीवी से हो रही छात्राओं की निगरानी
संगठन की सदस्य पूजा कुमारी ने कहा कि खुशबू की मौत के बाद संस्थान प्रशासन नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं पर विशेष निगरानी रख रहा है. बाथरूम के सामने, हॉस्टल व क्लास रूम के सामने सीसीटीवी कैमरा से जांच की जा रही है.
क्या है पति की मांग
– आईजीआईएमएस नर्सिंग कॉलेज में छात्राओं का हॉस्टल तुरंत खोला जाये
– नर्सिंग कॉलेज की उन छात्राओं को पुलिस सुरक्षा दी जाये जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग व पुलिस के सामने अपना बयान दिया है
– एफआइआर में जिनका नाम है, उनको कॉलेज परिसर में नहीं आने दिया जाये
– छात्र नेताओं पर कॉलेज प्रशासन द्वारा दर्ज एफआइआर को रद्द किया जाये
– पीड़ित परिवार को तुरंत मुआवजा और कानूनी सहायता दी जाये
– नर्सिंग कॉलेज छात्राओं की प्रताड़ना तुरंत बंद हो
