पटना : दवा एजेंसी को नोटिस बिल नहीं दिया, तो लाइसेंस होगा रद्द

पटना : प्रदेश के सबसे बड़ी दवा मंडी गोविंद मित्रा में नकली दवाओं का कारोबार फिर धड़ल्ले से चल रहा है. दवा माफिया बिना बिल के ही दवाओं की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं. इस तरह का खुलासा सोमवार को औषधि विभाग ने छापेमारी में की है. विंध्यवासिनी दवा एजेंसी में हुए छापेमारी में कई तरह […]

पटना : प्रदेश के सबसे बड़ी दवा मंडी गोविंद मित्रा में नकली दवाओं का कारोबार फिर धड़ल्ले से चल रहा है. दवा माफिया बिना बिल के ही दवाओं की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं.
इस तरह का खुलासा सोमवार को औषधि विभाग ने छापेमारी में की है. विंध्यवासिनी दवा एजेंसी में हुए छापेमारी में कई तरह के खुलासे होने के उम्मीद है. फिलहाल औषधि विभाग अनुमान लगा रही है कि जिन दवाओं की लाखों में खरीद-बिक्री हो रही उसका बिल विंध्यवासिनी दवा एजेंसी के पास नहीं है. इस संबंध में नोटिस देकर बिल से संबंधित जानकारी मांगी गयी है.
विंध्यवासिनी दवा एजेंसी थोक दवाओं का कारोबार करता है. जिन 36 दवाओं की बिक्री की गयी थी वह गया जिले के एक फुटकर दवा कारोबारी के पास भेजी गयी है. इनमें तीन एंटीबायोटिक और एक पैरासिटामोल दवाएं शामिल हैं. इन दवाओं के नकली होने का अनुमान औषधि विभाग ने लगाया है.

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