एडीजी मुख्यालय ने कहा – सफल होना है तो साइबर क्राइम की बारीकियों को समझना होगा
पटना : एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने कहा है कि थानेदारी अब लाठी-डंडे के बूते नहीं हो सकती. अगर सफल होना है तो साइबर क्राइम की बारीकियों को समझना होगा, तभी भीड़ से अलग आप अपने क्षेत्र में दिखेंगे.
जिस रफ्तार से साइबर अपराध बढ़ रहा है, उसमें खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है. साथ ही केस के खुलासे के लिए साइबर से संबंधित जानकारी जरूरी है. एडीजी मुख्यालय पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे.
सोमवार को ईओयू की ओर से साइबर क्राइम पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. उद्घाटन ईओयू के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार और एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने किया. आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के अपर पुलिस महानिदेशक जितेंद्र सिंह गंगवार ने कहा कि ‘पुलिस-जनता व्हाट्सएप साइबर सेनानी समूह’ में सदस्यों की संख्या हर हाल में 31 दिसंबर तक कम से कम 100 किया जाये. तभी इस ग्रुप का उपयोग ठीक ढंग से हो पायेगा. अभी तमाम जिलों में ग्रुप में सदस्यों की संख्या मात्र 20-25 है. यह ठीक नहीं है.
उन्होंने कहा कि कम से कम 100 लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया गया था. लेकिन, अब भी बहुत कम लोगों को ग्रुप में शामिल किया गया है. थाना स्तर पर अधिकतम 256 लोगों को जोड़ा जा सकता है. ईओयू के एडीजी ने बताया कि थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर ‘पुलिस-जनता व्हाट्सएप साइबर सेनानी समूह’ बनाया गया है.
हाल ही में इस ग्रुप की वजह से पुलिस को सफलता मिली है. कम से कम इसी से प्रेरणा ली जा सकती है. ईओयू परिसर में शुरू हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 40 पुलिस जिला से एक-एक एसएचओ शामिल हो रहे हैं. इन पदाधिकारियों को साइबर अपराध से संबंधित तकनीकी बिंदुओं पर जानकारी दी जायेगी. समारोह का संचालन ईओयू के अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार ने किया.
एसएचओ तारकेश्वर नाथ तिवारी और दीपांकर श्रीज्ञान पुरस्कृत
‘पुलिस-जनता व्हाट्सएप साइबर सेनानी समूह’ के माध्यम से लापता रिटायर्ड अधीक्षण अभियंता जगदीश चंद्र सिंह को खोजने में सराहनीय कार्य करने वाले एसएचओ पाटलिपुत्र तारकेश्वर नाथ तिवारी और एसएचओ दीदारगंज दीपांकर श्रीज्ञान को एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल ने पुरस्कृत किया.
इन पदाधिकारियों ने लापता होने की ग्रुप पर सूचना मिलने के बाद सक्रियता बढ़ायी. इसी का परिणाम रहा कि जगदीश चंद्र सिंह को समय से खोज निकाला गया. इसके लिए दोनों पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र और नकद राशि पुरस्कार स्वरूप दिया गया.
…इसी कार्यक्रम में दीदारगंज के चायवाले को भी एडीजी ने पुरस्कृत किया. जगदीश चंद्र सिंह की खोजबीन में इस चायवाले ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी.
साइबर अपराध पर पहली हिंदी किताब बिहार में : साइबर अपराध पर पहली हिंदी किताब बिहार सरकार ने तैयार करायी है. इसका विमोचन ईओयू परिसर में एडीजी मुख्यालय एसके सिंघल और ईओयू के एडीजी जितेंद्र सिंह गंगवार ने किया.
ईओयू के एडीजी ने दावा किया कि बिहार ऐसा पहला राज्य है, जहां साइबर क्राइम पर हिंदी में किताब तैयार करायी गयी है. प्राथमिकता के तौर पर यह किताब अभी प्रशिक्षण पाने वाले पदाधिकारियों को दी गयी है. साइबर अपराध से जुड़ी तमाम तकनीकी जानकारी इस किताब में मिलेगी.
