पटना : नगर निगम में 75 वार्ड हैं. इन वार्डों में सड़कों पर नियमित झाड़ू लगे व कूड़ा प्वाइंटों से नियमित कचरे का उठाव हो, इसको लेकर ऑटो टीपर, छोटी-बड़ी जेसीबी, कॉम्पैक्टर, हाइवा, ट्राइसाइकिल और इ-रिक्शा आदि उपकरणों की खरीदारी की गयी है. इन उपकरणों को वार्ड के सेक्टर स्तर पर वितरण करने के साथ-साथ सफाईकर्मियों की प्रतिनियुक्ति की गयी है. अब निगम प्रशासन नयी तकनीक विकसित कर रहा है, ताकि सड़कों की सफाई व कूड़ा प्वाइंटों से कचरे के उठाव कार्य की निगरानी की जा सके. वहीं, आम लोगों की शिकायतों के निष्पादन की निगरानी भी तकनीक के माध्यम से की जायेगी.
निगम प्रशासन द्वारा हाल में खरीदे गये उपकरणों में ग्लोबल पॉजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) इंस्टाॅल किया जा रहा हैं. अब तक 80 प्रतिशत से अधिक उपकरणों में जीपीएस को इंस्टॉल कर लिया गया है. शत-प्रतिशत उपकरणों में जीपीएस लगने के बाद हर वाहन की निगरानी निगम मुख्यालय से की जायेगी, ताकि उपकरणों का उपयोग शत-प्रतिशत किया जा सके.
ट्रैकर के जरिये नजर : निगम प्रशासन ने एक वार्ड को पांच सेक्टरों में बांटा है और सेक्टर स्तर पर सफाईकर्मियों व उपकरणों की प्रतिनियुक्ति की है. सेक्टर के सफाई पर्यवेक्षकों, वार्ड सफाई निरीक्षकों, अंचल के मुख्य सफाई निरीक्षकों व सिटी मैनेजरों को स्मार्टफोन मुहैया कराया गया है. इन मोबाइलों में लोकेशन ट्रैकर सिस्टम इंस्टॉल किया गया है. इनके जरिये सेक्टर में प्रतिनियुक्त पर्यवेक्षकों से लेकर सिटी मैनेजरों तक नजर रखी जायेगी. वहीं, ड्यूटी के दौरान कहां-कहां भ्रमण किया, इसकी जानकारी भी अधिकारियों को मिल जायेगी.
शिकायतों के निष्पादन में आसानी
शहरवासी साफ-सफाई, जलजमाव, मृत पशु, नाला जाम आदि समस्याओं से जूझ रहे हैं, तो कंट्रोल रूप के टॉल फ्री नंबर और सिटी ऑफ पटना एप के जरिये शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इन शिकायतों का समय सीमा के अंदर निष्पादन किया जायेगा..
शत-प्रतिशत होगा काम
तकनीक के सहयोग से उपकरणों व सफाईकर्मियों पर नजर रखी जायेगी. इसका उद्देश्य है कि सड़कों की सफाई और डोर-टू-डोर कचरे का उठाव शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो. वहीं, इस तकनीक के सहयोग से आम लोगों की शिकायतों का निष्पादन भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जायेगा.
विशाल आनंद, उप नगर आयुक्त (सफाई), नगर निगम
