राजद में उठने लगी है मांग
पटना : महागठबंधन में दलों के बीच सहमति तो बन गयी है, पर असली झंझट सीटों के बंटवारे को लेकर है. राजद के अंदर से फिर 2009 की तरह ही मांग उठने लगी है कि पहले पहलवान (कैंडिडेट) बताओ फिर सीट की बात करो.
राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ रघुवंश प्रसाद सिंह ने लोजपा की मांग पर 2009 के लोकसभा चुनाव के समय यही शर्त रखी थी. इसके बाद राजद का लोजपा से गठबंधन टूट गया था. इस बार भी राजद के अंदर गठबंधन में अधिक सीट मांगने वाले दलों के लिए इस प्रकार की मांग होने लगी है. फिलहाल महागठबंधन में राजद के अलावा कांग्रेस और पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की पार्टी भी शामिल है. गुरुवार को रालोसपा भी इसमें शामिल हो गयी. वाम दल भी महागठबंधन में साथ आने को तैयार हैं.
राजद विधायक भाई वीरेंद्र का कहना है कि बिहार में राजद का व्यापक जनाधार है. यह पार्टी राज्य में सर्वाधिक विधायकों वाली पार्टी है. राजद 40 लोकसभा सीटों पर मजबूत स्थिति में है. ऐसे में महागठबंधन के अंदर सबसे ताकतवर दल होने के नाते राजद को यह जानने का हक कि कि जिन सीटों की मांग महागठबंधन दलों द्वारा की जा रही है तो उनके पास उस सीट पर कौन उम्मीदवार हैं.
राजद लोकसभा की सर्वाधिक सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी. साथ ही उसकी चाहत है कि दूसरे दलों के हिस्से में सीट जाये तो वहां पर जीत भी सुनिश्चित होनी चाहिए. राजद खुद कम से कम 20 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहता है.
