पटना : पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दवाओं का संकट खड़ा हो गया है. इमरजेंसी में दवाएं न के बराबर हो गयी है. दवा खत्म होने के विरोध में पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टरों ने मोर्चा खोल दिया है. जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अगर इमरजेंसी वार्ड में दवाएं नहीं रहेंगी, तो वे काम नहीं करेंगे और इसके विरोध में कार्य का बहिष्कार भी कर सकते हैं. इधर दवाएं खत्म होने से मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. मरीज बाहर से दवाएं लेने को मजबूर हो रहे हैं.
दवाओं की कमी को लेकर अस्पताल के जूनियर डॉक्टर एक जुट हो गये हैं. डॉक्टरों ने अस्पताल प्रशासन को चेतावनी दी है कि दवाएं उपलब्ध नहीं हुईं, तो आंदोलन किया जायेगा.
इन दवाओं का संकट
पीएमसीएच जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डॉ विनय कुमार यादव ने कहा कि इमरजेंसी वार्ड में सभी तरह की दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि सबसे अधिक परेशानी आईवी सेट को लेकर है. क्योंकि आईवी सेट नहीं होने से गंभीर मरीजों को पानी चढ़ाने में दिक्कत हो रही है. डायलोना सहित दर्द के कई इंजेक्शन व दवाएं हैं, जो नहीं मिल रही हैं.
क्या कहते हैं अधीक्षक
दवाओं की कमी दूर करने का हर संभव प्रयास किया जा रह है. बहुत सारी दवाएं मरीजों को मिल रही हैं. लोकल परचेज पर भी दवाएं खरीदी जा रही हैं.
—डॉ राजीव रंजन प्रसाद, अधीक्षक पीएमसीएच.
