कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक में नेतृत्व क्षमता के विकास को लेकर बिहार सरकार हो गयी है सक्रिय
पटना : कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक में नेतृत्व क्षमता के विकास को लेकर बिहार सरकार सक्रिय हो गयी है. इसी के तहत स्ट्रेस मैनेजमेंट से लेकर कर्तव्य का पाठ पढ़ाया जा रहा है. पिछले दिनों चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में प्रशासकीय प्रबंधन कार्यक्रम में प्रशिक्षण लेने वालों से सरकार ने संवाद किया.
इसमें कई महत्वपूर्ण बातें सामने आयीं. पदाधिकारियों ने मुक्त कंठ से कहा कि ट्रेनिंग के बाद नेतृत्व करने की क्षमता का विकास हुआ है. इतना ही नहीं, बिंदुवार फायदे भी गिनाये. उन्होंने कहा कि प्रबंधकीय ज्ञान भी बढ़ा है. जाहिर है पदाधिकारियों में यह बदलाव सीधे तौर पर जनता और सरकारी कार्यों को लाभ पहुंचायेंगे.
सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुभवों को किया साझा
पिछले माह सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी की अध्यक्षता में पारस्परिक संवाद कार्यक्रम हुआ. इसमें चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में प्रशासकीय प्रबंधन कार्यक्रम का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले पदाधिकारी शामिल हुए. उनसे पारस्परिक संवाद कार्यक्रम के तहत तमाम बिंदुओं पर बात हुई. प्रशिक्षण से होने वाले लाभ से लेकर उसमें सुधार तक के लिए सलाह मांगी गयी. प्रदेश के सरकारी सेवकों के ज्ञान एवं कौशल के विकास एवं उनमें कर्तव्य के प्रति समर्पण भाव पैदा करने के लिए लगातार प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहे हैं.
जाहिर है, इसका लाभ धरातल पर जनता को मिलेगा. विभिन्न कार्यालयों के काम निबटाने का तरीका हो या आम जनता से रूबरू होने का तरीका. पहले से ज्यादा बेहतर बनाने की कवायद है. इसी के लिए प्रदेश सरकार ने राज्य प्रशिक्षण नीति बनाया है. इसी के तहत पदाधिकारियों को चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में समय-समय पर प्रशिक्षित किया जा रहा है.
चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में 53 पदाधिकारियों को किया गया प्रशिक्षित
चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में प्रशासकीय प्रबंधन कार्यक्रम का प्रशिक्षण 53 पदाधिकारियों ने प्राप्त किया है. बाकायदा इन पदाधिकारियों को इसके लिए प्रमाणपत्र भी दिया गया है. दूसरे बैच को मार्च में इस तरह का प्रशिक्षण दिया जायेगा. जिन 53 पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है, उनमें से 26 पदाधिकारियों को पारस्परिक संवाद के लिए आमंत्रित किया गया था.
इसमें से 22 पदाधिकारी संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान पदाधिकारियों से प्राप्त अनुभव एवं उसे और अधिक उपयोगी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए बिंदुवार सुझाव देने का भी अनुरोध किया गया था. अधिकतर पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण से प्रबंधकीय ज्ञान एवं समझ में वृद्धि हुई है.
समस्याओं को देखने, समझने एवं समाधान के उपाय का विकास हुआ है. टॉपिक पर प्रोजेक्ट रिपोर्ट तेयार करने के क्रम में जानकारियां जुटाने एवं उसका विश्लेषण करने का अवसर मिला तो समस्याओं को गहराई से समझने का मौका मिला. निजी क्षेत्र एवं लोक क्षेत्र में संबंध एवं भिन्नता को समझने का मौका मिला है. पदाधिकारियों ने यहां तक कहा कि प्रशिक्षण के बाद समयबद्ध एवं लक्ष्य आधारित नजरिया विकसित हुआ. अपने अधीनस्थ एवं वरीय पदाधिकारियों से व्यवहार करने के नजरिये में भी बदलाव हुआ है.
प्रशिक्षण प्राप्त पदाधिकारियों से मिले फीडबैक और सुझाव महत्वपूर्ण हैं. इससे चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान को अवगत कराया जायेगा. सरकारी कार्यालयों में भी काम करने का तरीका बदला है. सूचना तकनीक से लेकर अन्य बिंदुओं पर भी नये आयाम जुड़े हैं. जाहिर है, इसका लाभ सरकार के साथ ही जनता को भी मिलेगा.
—आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग
