पटना : यात्रियों की भारी भीड़ पटना एयरपोर्ट की परेशानी की वजह बन गयी है. दोपहर एक से शाम पांच बजे तक हर दिन यहां यात्रियों का भारी जमावड़ा दिखता है और इस पूरी अवधि में टर्मिनल के बाहर से भीतर तक एक साथ डेढ़-दो हजार यात्री मौजूद रहते हैं. इस वजह से प्रवेशद्वार से लेकर टर्मिनल के भीतर तक यात्रियों को लंबी-लंबी कतारों में खड़े रहना पड़ता है.
इसको देखते हुए एयरपोर्ट ऑथोरिटी ने प्रवेश द्वार की संख्या बढ़ा कर एक से दो कर दी है. इसके बावजूद एयरपोर्ट की कतार कम नहीं हो रही है और लोगों को डेढ़-दो घंटे तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है.
स्कैनिंग और बोर्डिंग के लिए भी लंबी लाइन : लगेज स्कैनिंग और बोर्डिंग के लिए भी लंबी लाइन लगती है. लगेज स्कैनिंग में लोगों को 20-30 मिनट लग रहे हैं जबकि कई बोर्डिंग काउंटर होने के बावजूद बोर्डिंग कार्ड लेने में भी 30 से 40 मिनट तक लग रहा है.
सब मिला कर हर यात्री को दो से तीन घंटा तक अलग-अलग लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है और कई बार देरी की वजह से विमान छूटने की भी नौबत आ जा रही है. एयरलाइंस कर्मी के विशेष सहयोग के कारण अब तक स्थिति नियंत्रित रही है, लेकिन, कतार थोड़ी और लंबी हुई तो विमान छूटने जैसी घटनाओं को रोकना मुश्किल होगा.
टेंट तैयार, एक दो दिनों में शुरू होगा इस्तेमाल
यात्रियों की सुविधा के लिए पटना एयरपोर्ट पर हर वर्ष एयरपोर्ट प्रशासन के द्वारा टेंट लगाया जाता है. इस वर्ष भी 300 लोगों के बैठने की क्षमता वाला 2400 वर्गफीट में फैला टेंट लगाया गया है, लेकिन उसके निर्माण में देरी कर दी गयी है. मंगलवार देर शाम इसमें कुर्सियों को लगाने का काम शुरू हुआ. एक दो दिन अभी इसका इस्तेमाल शुरू होने में और लगेगा. तब तक यात्रियों को टर्मिनल के बाहर बैठने की जगह भी नहीं मिलेगी और उनकी परेशानी बनी रहेगी.
