नामांकन कराया सीमेज में फॉर्म भरवाया बिहटा से

पटना: छात्रों को झांसे में लेकर ठगने वाले निजी संस्थान सीमेज का फर्जीवाड़ा धीरे-धीरे खुलने लगा है. बीएमसीए कोर्स के 32 छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद अब बीकॉम के छात्रों ने भी संस्थान पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि सीमेज प्रबंधन ने तीन साल का कोर्स कराने के नाम […]

पटना: छात्रों को झांसे में लेकर ठगने वाले निजी संस्थान सीमेज का फर्जीवाड़ा धीरे-धीरे खुलने लगा है. बीएमसीए कोर्स के 32 छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद अब बीकॉम के छात्रों ने भी संस्थान पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. छात्रों का कहना है कि सीमेज प्रबंधन ने तीन साल का कोर्स कराने के नाम पर उनसे लगातार दो साल 24-24 हजार रुपये लिये, मगर पढ़ाई पूरी नहीं करायी. यही नहीं, सीमेज के बजाय बिहटा के एक कॉलेज से परीक्षा दिलवायी.
पढ़ाई भी रोक दी : वर्ष 2012-15 बैच में एडमिशन लेनेवाले खेमनीचक के उत्कर्ष कुमार ने बताया कि जुलाई में 24 हजार रुपये जमा कर उन्होंने तीन वर्षीय बीकॉम कोर्स में एडमिशन लिया. सितंबर से पढ़ाई भी शुरू हो गयी, मगर जब परीक्षा देने का वक्त आया, तो बिहटा के चंद्र देव प्रसाद वर्मा महाविद्यालय, सिमरी से फॉर्म भरा दिया गया. दूसरे साल भी 24 हजार रुपये जमा कराये. कुछ दिन बाद ही तीसरे साल की राशि भी जमा कराये जाने को कहा गया. पैसा जमा नहीं कराये जाने पर पढ़ाई रोक दी.
मनमाना फाइन कर पैसे वसूले : छात्रों ने बताया कि फाइन के नाम पर भी मनमाने पैसे वसूले गये. अनुपस्थित होने पर 25 रु फाइन किया जाता था. इसी तरह, किसी परेशानी की वजह से वर्तमान महीने में फीस जमा नहीं करने पर हर दिन पंद्रह रुपये के हिसाब से फाइन किया जाता. दूसरा महीना लगने पर हर दिन 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाता. छात्र प्रतीक ने बताया कि फाइन की वजह से ही उनका फीस बढ़ कर 20 हजार रुपये हो गया था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >