अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार पर दबाव बनायेगा कैवर्त, केवट, क्योट महासभा
पटना : भारतीय संविधान दिवस के मौके पर कैवर्त, केवट और क्योट महासभा ने एक जनसभा का आयोजन किया. इसे संबोधित करते हुए सूबे के पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत ने कहा कि केवट समाज पहले कई धराओं में बंटा हुआ था, जो अब पूरी तरह से एकजुट हो गया है.
यह महासभा सोमवार को कृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित की गयी थी, जिसमें सभी जिलों से बड़ी संख्या में लोग आये हुए थे. आज की महासभा की भीड़ को देखते हुए यह बात पूरी तरह से सही साबित होती है. भीड़ इतनी ज्यादा है कि यह हॉल छोटा पड़ रहा है. अब अगला कार्यक्रम गांधी मैदान में होगा और उसे भी पूरी तरह से भर दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि केवट समाज को शैक्षणिक, आर्थिक और सामाजिक रूप से प्रगतिशील बनाने के साथ सशक्त बनाने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही हैं.
सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर अतिपिछड़ा समाज को आगे लाने का पूरी तरह से प्रयास कर रही है. हालांकि इस मौके पर मौजूद अन्य सांसद, पूर्व सांसद समेत समाज के अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने राज्य सरकार पर अपनी मांग को मनवाने के लिए एकजुट होकर हर तरह से दबाव बनाने की बात कही. इसके साथ ही अपनी 14 सूत्री मांगों को प्रस्तुत कर महासभा से पास करवाया.
सांसद वीरेंद्र कुमार चौधरी ने कहा कि आवाज उठाने पर ही कोई आपकी बात सुनेगा. मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है. जब तक शक्ति का प्रदर्शन नहीं होगा, तब तक एकजुटता नहीं आयेगी. हमारे समाज की आबादी 60 से 70 लाख है, लेकिन राजनीतिक हिस्सेदारी बहुत कम है. समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को पढ़ाये और अपनी हिस्सेदारी के लिए राजनीतिक पार्टियों से जुड़े. पूर्व न्यायाधीश वीरेन्द्र प्रसाद वर्मा ने कहा कि अपनी मांगों को मनवाने के लिए सरकार से आग्रह करेंगे.
पूर्व आईएएस अधिकारी रामनारायण मंडल ने कहा कि आपस में लड़े नहीं और एकजुटता के साथ रहें. इस कार्यक्रम को महासभा के अध्यक्ष ठाकुर प्रसाद कामत, पूर्व सांसद विश्वमोहन कुमार, पूर्व विधान पार्षद उदयकांत चौधरी, पूर्व विधायक दिलकेश्वर कामत, रिटायर्ड आईएएस मणिकांत आजाद, काशीनाथ भंडारी समेत अन्य ने किया. संचालन नरेन्द्र प्रसाद वर्मा और धन्यवाद ज्ञापन विजय कुमार चौधरी ने किया.
