250 मीटर के दायरे से आगे नहीं बढ़ सका रेस्क्यू ऑपरेशन
पटना : 10 वर्षीय दीपक के संप हाउस के आउट फॉल चेंबर में शनिवार की दोपहर गिरने के बाद से चलाये जा रहे रेस्क्यू अभियान का लाभ नहीं मिल सका. यह ऑपरेशन निगम प्रशासन के साथ-साथ एनडीअारएफ व एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम चला रही है. छठे दिन गुरुवार को आउट फॉल चेंबर से निकलने वाले नाले में 250 मीटर तक साफ-सफाई के साथ चलाया गया सघन सर्च ऑपरेशन भी असफल रहा.
हालांकि यह ऑपरेशन घटना स्थल के 250 मीटर के दायरे से आगे नहीं बढ़ सका है. फिलहाल दीपक का कहीं पता नहीं चला है. फिलहाल निगम प्रशासन ने ऑपरेशन को आगे बढ़ते हुए 50 मीटर अागे नाला तोड़ने का निर्णय लिया और नाला तोड़ने की कार्रवाई भी शुरू की गयी. नाला तोड़ने के बाद देर रात तक सफाई अभियान जारी रहने का अनुमान है.
150 से 250 मीटर के बीच सात फुट में लगा था जाम : आउट फॉल चेंबर से 150 मीटर तक नाले को पूरी तरह साफ किया गया. इसके बाद 150 से 250 मीटर के बीच भी डीसिल्टिंग मशीन के सहयोग से करीब 10 टैंकर कचरा निकाला गया. इसके बावजूद सात फुट में कचरा फंसा था. इससे निगम अधिकारियों को आशंका थी कि इसी बीच में बच्चा फंसा है.
नाले में घुसे निगम के दो सफाई कर्मी : निगम के सफाई कर्मी अनिल के साथ एक और सफाई कर्मी को तैयार किया गया. एसडीआरएफ जवान ने दोनों कर्मियों को तैयार किया, जो 2:30 बजे चेंबर के रास्ते नाले के भीतर घुसे.
पहले चरण में 150 मीटर तक नाले के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाया. लेकिन, बच्चे का कहीं सुराग नहीं मिला. दूसरे चरण में 150 से 250 मीटर के बीच सघन सर्च किया गया. लेकिन, इस बीच में भी कहीं दीपक नहीं मिला.
फिर शुरू की गयी आगे नाला तोड़ने की कार्रवाई : सुबह से शाम तक चलाये गये सर्च ऑपरेशन के दौरान बच्चा नहीं मिला, तो निगम प्रशासन ने 50-60 मीटर और नाला तोड़ने का निर्णय लिया. शाम पांच बजे सर्च ऑपरेशन खत्म होने के बाद अपर नगर आयुक्त शीला ईरानी व अन्य ने ऑपरेशन जारी रखते हुए नाला तोड़ने का निर्णय लिया.
पटना : कपड़ा सूंघने के बाद दीपक की तलाश में नाले के पास ‘एमबो’ ने लिया राउंड
पटना : एसकेपुरी के राजेश पथ में मौजूद चैंबर में दीपक के गिरने के बाद लगातार चल रहा रेस्क्यू आॅपरेशन में एक कड़ी और जुड़ गयी है. पुलिस ने खोजी कुत्ते का सहारा लिया है. डाग स्क्वायड की टीम रात के 8.30 बजे ‘एमबो’ (खोजी कुत्ते का नाम) को लेकर घटना स्थल पर पहुंची. एमबो को नाले के आसपास घुमाया गया. काफी देर तक राजेश पथ से लेकर चैंबर तक एमबो राउंड करता रहा.
कई चक्कर राउंड करने के बाद वह नाले के पास बैठ जा रहा था. डाग स्क्वायड एक्सपर्ट की मानें तो एमबो की हरकत से ऐसा लग रहा है कि दीपक नाले के पास आया था. एमबो नाले में तो नहीं उतर रहा था लेकिन इर्द-गिर्द घूमता रहा. दरअसल दीपक की बरामदगी नहीं होने से लगातार अब यह सवाल उठने लगा है कि कहीं ऐसा तो नहीं है कि दीपक नाले में गिरी ही नहीं है. उसके साथ काेई और घटना तो नहीं हो गयी. इन सब संभावनाओं के चलते पुलिस और डाग स्क्वायड की मदद ली जा रही है. इसी कड़ी में एमबो को लेकर टीम मौके पर पहुंची थी.
पहले दीपक के घर से कुछ पुराना कपड़ा व अन्य सामान मंगाया गया, फिर उसे घटना स्थल पर घुमाया गया. लेकिन वह राजेश पथ से लेकर नाले तक ही घुमता रहा. इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि दीपक नाले तक तो आया है. आगे की जांच में पुलिस जुट गयी है. दूसरी तरफ रेसक्यू ऑपरेशन जारी है.
दिन भर नहीं चली संप हाउस की मोटर, दर्जनों इलाकों में जलजमाव
नाले में गिरे बच्चे के सर्च ऑपरेशन के कारण शनिवार से लेकर गुरुवार की शाम तक मोहनपुर संप हाउस का मोटर रुक-रुक कर आधा-एक घंटा के लिए चलाया गया. इससे सीवरेज में पानी भर गया है और चेंबर ओवरफ्लो कर रहा है. स्थिति यह है कि संप हाउस का लेबल जो सामान्य तौर पर 10 मीटर से नीचे होता है, बढ़ कर 15 मीटर के करीब हो गया है.
इससे दर्जनों इलाकों में जलजमाव की समस्या बन गयी है. मोहनपुर संप हाउस के मोटर नहीं चलने से मोहनपुर, पुनाईचक, न्यू पुनाईचक, राजवंशी नगर, पटेल नगर रोड नंबर दो आदि इलाकों में जलजमाव की समस्या गहरा गयी है. मोहनपुर व पटेल नगर के इलाके में लोगों के घरों में भी सीवरेज के पानी घुसने लगा है. स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से जल जमाव की शिकायत की.दर्शक के रूप में तैनात रहे एनडीआरएफ व एसडीआरएफ
रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर जिला प्रशासन ने एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवानों को प्रतिनियुक्त किया. लेकिन, ऑपरेशन के छठे दिन गुरुवार को एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवान दर्शक के रूप में घटना स्थल पर तैनात दिखे.
नाले के भीतर सर्च ऑपरेशन चलाने की बात हुई, तो एनडीआरएफ व एसडीआरएफ के जवानों ने हाथ खड़े कर दिये. इस स्थिति में निगम के दो सफाई कर्मियों को तैयार किया गया, तो एसडीआरएफ की ड्रेस पहन और ऑक्सीजन मास्क लगा कर नाले के भीतर सर्च ऑपरेशन संचालित किया.
