पटना : केंद्र सरकार के पेंशन अपडेशन को लेकर की जा रही भेदभाव की नीति से देश भर के लाखों सेवानिवृत्त बैंककर्मी संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेंगे. ये बातें ऑल इंडिया बैंक रिटायरीज फेडरेशन के अध्यक्ष एसएम देशपांडे ने बैंक रिटायरीज फेडरेशन ऑफ बिहार के पहले त्रैवार्षिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं.
आईएमए हॉल में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए देशपांडे ने कहा कि 2015 के उपलब्ध आंकड़े के अनुसार स्टेट बैंक को छोड़ शेष सार्वजनिक बैंकों के पास पीएफ के बदले दिये जाने वाले पेंशन के लिए पेंशन फंड में 1,01,919 करोड़ की निधि विद्यमान थी, जिस पर हर साल लगभग 8346 करोड़ रुपये का ब्याज आता है. लेकिन, अफसोस की बात यह है कि पेंशन मद में 7734 करोड़ का ही आता है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार बैंकिंग उद्योग में प्रति 5 सालोें पर होने वाले वेतन पुनरीक्षण के समय मूल पेंशन में कोई अपडेशन नहीं करती है.
यूनाइटेड फोरम ऑफ ग्रामीण बैंक यूनियंस के संयोजक डीएन त्रिवेदी ने कहा कि बढ़ती महंगाई के बीच फेमली पेंशन में बढ़ोतरी नहीं कर सरकार रिटायरीज बैंककर्मियों के साथ अमानवीयकृत कर रही है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2002 के पूर्व के बैंक रिटायरीज को 100% महंगाई भत्ते का भुगतान नहीं किया जाता है, जो सरकार का शर्मनाक कदम है. इसके अलावा फेडरेशन के राष्ट्रीय उपमहामंत्री देवेश भट्टाचार्या, राष्ट्रीय महामंत्री मित्रा बासु, बैंक रिटायरीज फेडरेशन ऑफ बिहार के महासचिव सुनील श्रीवास्तव, अध्यक्ष एके सिंह, पीडी सिंह आदि ने भी सम्मेलन को संबोधित किया.
फेडरेशन के नये अध्यक्ष बने एके सिंह
मौके पर बैंक रिटायरीज फेडरेशन ऑफ बिहार के नये पदाधिकारियों का सर्वसम्मति से चुनाव हुआ. नये सत्र के लिए एके सिंह को अध्यक्ष, टीके पालित कार्यकारी अध्यक्ष, डीएन त्रिवेदी को फेडरेशन का महासचिव बनाया गया है. जबकि, उपमहासचिव आईडीपीके सिंह को तथा केएस सुमन को कोषाध्यक्ष चुना गया.
