पटना : प्रदेश में दिव्यांगों के लाभ के लिए सरकार विशेष व्यवस्था कर रही है. इसके तहत शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, खेलकूद, कौशल विकास आदि इंतजाम किया जा रहा है. इस संबंध में आर्थिक लेन-देन की समस्या दूर करने के लिए राज्य निधि बनायी गयी है. साथ ही केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय (दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, नयी दिल्ली) ने प्रदेश में तीन संस्थानों के निर्माण के लिए राशि का आवंटन किया है.
सूत्रों का कहना है कि बिहार दिव्यांगजन अधिकार नियमावली, 2017 के प्रावधानों के अनुसार राज्य सरकार ने दिव्यांगजनों के लिए राज्य निधि का गठन किया है. साथ ही इसके प्रबंधन के लिए शासी निकाय का गठन किया है.
इस शासी निकाय के अध्यक्ष समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव होंगे. इसमें राज्य सरकार के स्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम संसाधन, वित्त और ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारी भी बतौर सदस्य शामिल होंगे. इस शासी निकाय पर राज्य निधि के बेहतर संचालन में सहयोग की जिम्मेदारी होगी. राज्य निधि के अंतर्गत अनुदान, उपहार, दान, लाभ, वसीयत या स्थानांतरण के माध्यम से प्राप्त सभी रकम ली जायेगी. इसमें अनुदान सहायता सहित राज्य सरकार से मिलने वाली सभी राशि भी शामिल है. दिव्यांगों से संबंधित किसी जरूरत के समय इस राज्य निधि से आर्थिक मदद दी जा सकेगी.
