सप्ताह भर करें इंतजार, फिर करें पीपा से गंगा पार

पटना सिटी : महात्मा गांधी सेतु के जाम के विकल्प बने गायघाट पीपा पुल को गंगा जल स्तर में आयी कमी के बाद बनाने का काम पूरा अंतिम चरण में है. पीपा को जोड़ने के काम पूरा होने के बाद अब दोनों तरफ ईंट सोलिंग के सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. यह काम […]

पटना सिटी : महात्मा गांधी सेतु के जाम के विकल्प बने गायघाट पीपा पुल को गंगा जल स्तर में आयी कमी के बाद बनाने का काम पूरा अंतिम चरण में है. पीपा को जोड़ने के काम पूरा होने के बाद अब दोनों तरफ ईंट सोलिंग के सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. यह काम भी लगभग हो चुका है. दरअसल बीते 21 जून को गंगा के जल स्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए पीपा पुल को खोला गया था.
अब गंगा के जल स्तर कमी आने के बाद पीपा पुल को बनाने का काम बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से किया गया, जिसका काम भी लगभग पूरा हो चुका है. ऐसे में पीपा पुल के चालू होने की स्थिति में छोटे वाहनों का दबाव गांधी सेतु से घट जायेगा. पुल निर्माण निगम के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार की मानें तो सब कुछ ठीक- ठाक रहा, तो16 नवंबर से पीपा पुल पर वाहनों का परिचालन आरंभ हो जायेगा.
इसके लिए आवश्यक कार्य कराये जा रहे हैं. बताते चले कि गांधी सेतु के समानांतर बने पीपा पुल पर छोटे वाहन का परिचालन बाधारहित हो, इसके लिए गायघाट के समीप इसे बनाया गया था, जो हाजीपुर में तेरिसया दियारा के पास से जुड़ता है. निर्माण एजेंसी के शैलेंद्र कुमार ने बताया कि निर्माण की प्रक्रिया लगभग हो चुकी है.
सड़कों का काम चल रहा है. बताते चलें कि बीते दो वर्षों से मिल रहे पीपा पुल की सुविधा से गांधी सेतु पर छोटे वाहनों का बोझ कम हो, इसके लिए पीपा पुल पर 24 घंटे वाहनों के परिचालन की अनुमति प्रदान वैशाली व पटना जिला प्रशासन की ओर से सहमति बना कर दी गयी थी.
संभावना है कि इस बार भी यह सुविधा छोटे वाहनों को मिलेगी, क्योंकि महात्मा गांधी सेतु को संजीवनी देने व सुपर स्ट्रक्चर को बदलने का कार्य हाजीपुर की तरफ पश्चिमी लेन पर चल रहा है. बताते चलें कि पीपा पुल की लंबाई दो किलोमीटर है, जिसके बनाने में लगभग 169 पीपा लगाया गया है. पुल की चौड़ाई 16 फुट है. इस पर पांच टन से कम क्षमता वाले वालों का परिचालन होता है.

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