पटना : फर्जी शिकायतों के माध्यम से निजी दुश्मनी निकाल रहे लोग

भूदान भूमि वितरण जांच आयोग ने भूदान से संबंधित जमीन के बारे में मांगा था ब्योरा पटना : भूदान में दी गयी जमीन में गड़बड़ी की हकीकत सामने लाने के लिए सरकार ने कवायद शुरू की, तो कई दिलचस्प मामले सामने आने लगे. इसके लिए संबंधित व्यक्ति को साक्ष्य के साथ आयोग को आवेदन करना […]

भूदान भूमि वितरण जांच आयोग ने भूदान से संबंधित जमीन के बारे में मांगा था ब्योरा
पटना : भूदान में दी गयी जमीन में गड़बड़ी की हकीकत सामने लाने के लिए सरकार ने कवायद शुरू की, तो कई दिलचस्प मामले सामने आने लगे. इसके लिए संबंधित व्यक्ति को साक्ष्य के साथ आयोग को आवेदन करना था.
इस मौके को कुछ साजिश करनेवाले ने नया हथियार बना लिया. फर्जी शिकायतें लेकर आयोग के पदाधिकारियों के पास पहुंचने लगे. जांच करायी गयी, तो फर्जी निकले. शिकायतकर्ता भी अब लापता हैं. इसे लेकर आयोग के अध्यक्ष व पूर्व मुख्य सचिव अशोक चौधरी ने गंभीरता दिखायी. ऐसे में बेकसूर साजिश करनेवालों के लपेटे में नहीं आये हैं.
यह है मामला
सरकार की ओर से दी गयी भूदान की जमीन को लेकर तरह-तरह के सवाल खड़े होते हैं. हकीकत भी कुछ ऐसी ही है. जमीन बांटने में तमाम स्तरों पर गड़बड़ी हुई है. प्रदेश सरकार ने सोचा कि इन गड़बड़ियों को ठीक करा दिया जाये. इसके लिए पूर्व मुख्य सचिव अशोक चौधरी की अध्यक्षता में भूदान भूमि वितरण जांच आयोग का गठन किया गया है. फिलहाल, इसका कार्यकाल दो वर्ष है.
शिकायतों की जांच में पकड़ा गया फर्जीवाड़ा
आयोग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि 100 से अधिक शिकायतें मिली हैं, परंतु इसमें अधिकतर फर्जी पायी गयी हैं. जिस जमीन को लेकर कोई गड़बड़ी नहीं है, ऐसी ही जमीन की शिकायत लिख कर दी गयी है. जांच में इसका खुलासा हो चुका है. इस तरह अगर जांच कमेटी गठित कर दी जाये, तो भला आदमी भी उलझन के चक्कर में घिर जाये. इसलिए प्रथम दृष्टया आयोग अपने स्तर से ही विभिन्न पदाधिकारियों को टेलीफोन करके जानकारी जुटा रहा है. इसमें तमाम तरह की फर्जी शिकायतें अलग कर दी जा रही हैं.
राजस्व परिषद का भी मिल रहा था साथ : उधर, राजस्व परिषद के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह का भी इसमें भरपूर सहयोग मिल रहा है. हाल ही में एक संयुक्त बैठक भी आयोजित की गयी थी. इस बैठक में भूदान कार्यालय मंत्रियों को बुलाया गया था. उन्होंने बताया कि छह लाख 48 हजार एकड़ जमीन भूदान में मिली थी. इसमें से 2 लाख 56 हजार एकड़ जमीन बांटी गयी. एक लाख 46 हजार 902 एकड़ जमीन असंपुष्ट है. एक लाख 910 हजार एकड़ जमीन का मामला अभी लंबित है.
शिकायत के साथ सुझाव भी मांगा था आयोग ने
भूदान भूमि वितरण जांच आयोग ने आम नागरिकों से शिकायत के साथ ही सुझाव भी मांगा था. आयोग ने शिकायत या सुझाव के लिए छह बिंदु निर्धारित किये थे.
आयोग की मानें, तो भूदान यज्ञ समिति की ओर से भूदान भूमि के वितरण से संबंधित यदि कोई प्रमाणपत्र दिया गया है तो वैसे प्रमाणपत्रों से संबंधित भूमि के वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सकता है. इसके अलावा भूमिहीन व्यक्तियों या अन्य को आवंटित भूमि का आवंटन नियमानुसार हुआ अथवा नहीं के संबंध में भी आवेदन मांगा गया था. आवंटित भूमि से संबंधित प्रमाणपत्र को भूदान यज्ञ समिति की ओर से बिना सक्षम राजस्व पदाधिकारी की स्वीकृति के रद्द कर दिया गया हो. अगर इस तरह के मामले सामने हों तो भी शिकायत की जा सकती थी.

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