पटना : मुजफ्फरपुर सहित अन्य शेल्टर होम कांड से सबक लेते हुए राज्य सरकार ने शेल्टर होम चलाने का निर्णय लिया है. इसी के तहत समाज कल्याण विभाग ने दोषमुक्त सेवानिवृत्त कर्मियों से शेल्टर होम में काम करने के लिए 30 नवंबर तक आवेदन मांगा है.
इनका नियोजन संविदा के आधार पर किया जायेगा. समाज कल्याण विभाग के सूत्रों का कहना है कि जो शेल्टर होम अब तक एनजीओ द्वारा चलाये जाते थे, उनमें अब सरकार कर्मियों को रखेगी. यह पहला चरण है, इसलिए इसमें खासतौर से अनुभवी लोगों की जरूरत है. सेवानिवृत्त कर्मियों से आवेदन मांगने के पीछे का तर्क यह है कि ये लोग अनुभवी और बुजुर्ग हैं. इसका सीधा लाभ शेल्टर होम में रहने वालों को मिलेगा.
विभिन्न शेल्टर होम और पदों के लिए होगी बहाली
राज्य में विभिन्न तरह के शेल्टर होम चलाये जाते हैं. इनमें वृद्धों, महिलाओं, बच्चों और विकलांगों के लिए अलग-अलग शेल्टर होम हैं. इसके अलावा रिमांड होम भी हैं जहां अपराध के आरोपी बच्चे रखे जाते हैं. इन सबों की बेहतर देखभाल के लिए रसोइया से लेकर शेल्टर होम संचालक तक अलग-अलग पदों के लिए वैकेंसी निकाली गयी है.
