ऑनलाइन प्रोसेस से होगा ज्ञान का आदान-प्रदान
पटना : पटना विश्वविद्यालय में शोध को लेकर विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ आपसी सहयोग को बढ़ाया जायेगा. इसकी शुरुआत विश्वविद्यालय में हो चुकी है और आगे इसे और बढ़ाने की बात चल रही है. विवि की योजना है कि ज्यादा-से-ज्यादा छात्र व शिक्षक विश्व के अन्य विश्वविद्यालयों से जुड़ें और उसका लाभ उठाएं.
जो स्कॉलरशिप वगैरह, किसी कार्यक्रम में भाग लेने के मार्फत से जा सकते हैं तो वे जाएं और जो नहीं जा सकते हैं वे यहां से ऑनलाइन उनसे जुड़ें. इसके अतिरिक्त विवि की ओर से लगातार प्रयास बीच-बीच में होते हैं कि विदेशों से शिक्षकों को सेमिनार या किसी अन्य वर्कशॉप में भाग लेने के बहाने बुला कर छात्रों से इंट्रैक्ट कराया जाये. दूसरी तरफ पीयू के शिक्षक भी विदेश जाते रहते हैं. एक समय में पूर्व कुलपति प्रो वाइसी सिम्हाद्री भी कई देशों के यूनिवर्सिटीज में राज्य के अन्य कुलपतियों के साथ भ्रमण करके आये थे. वर्तमान कुलपति प्रो रास बिहारी सिंह भी विदेशी यूनिवर्सिटीज व पीयू के बीच आंतरिक सहयोग बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के तहत मगध महिला कॉलेज की दो छात्राओं का चयन यूथ कल्चरल एक्सेंज प्रोग्राम के अंतर्गत भारतीय टीम के लिए हुआ है. ये छात्राएं वियतनाम व सिंगापुर जायेंगी.
विश्वविद्यालय परिसर में विदेशी मेहमानों के आगमन में तोमियो मिजोकामी ओसका यूनिवर्सिटी, जापानिज कंसुलेट का नाम प्रमुख है. फुल ब्राइट फेलोशिप के अंतर्गत एक शोधार्थी राजनीति विज्ञान व एक अंग्रेजी विभाग में शोध के लिए पीयू आये हैं. कुलानुशासक डॉ जीके पल्लई को एमआईटी, यूएसए का एक परीक्षा पटना विवि केंद्र पर ऑनलाइन प्रोसेस से संपन्न कराया था.
