पटना : चुनौती से कम नहीं साइबर क्राइम

आर्थिक अपराध इकाई के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीजीपी ने कहा – रहें सतर्क पटना : पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी ने कहा है कि साइबर क्राइम चुनौती से कम नहीं है. एक अनुमान के मुताबिक साइबर क्राइम में वार्षिक 200 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसलिए साइबर के बारे में […]

आर्थिक अपराध इकाई के पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में डीजीपी ने कहा – रहें सतर्क
पटना : पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी ने कहा है कि साइबर क्राइम चुनौती से कम नहीं है. एक अनुमान के मुताबिक साइबर क्राइम में वार्षिक 200 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसलिए साइबर के बारे में जानना आवश्यक हो गया है.
सामान्य अपराधों की तरह साइबर क्राइम में भी साक्ष्य जुटाने में सावधानी बरतनी चाहिए. ताकि किसी भी स्तर पर कमी न रह जाये. साक्ष्य जुटाने में नियमों का ख्याल रखेंगे, तभी अपराधी को सजा दिलाने में हमें कामयाबी मिलेगी.
सोमवार को पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी ने आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के नवनिर्मित भवन और पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया. पुलिस महानिदेशक ने कहा कि प्रदेश में होने वाले साइबर क्राइम का अध्ययन जरूरी है. तभी हम उसके तह तक जा पायेंगे.
इसके लिए बेहतर प्रशिक्षण जरूरी है. बकौल डीजीपी, हम भी जानते हैं कि साइबर मामलों में अच्छी जांच नहीं हो पाती, इसलिए विशेषज्ञ तैयार करना जरूरी है. थाना और सब डिवीजन पाने की चाहत सबकी होती है. परंतु कुछ खास क्षेत्र ऐसे हैं, जहां बेहतर करके मुकाम हासिल किया जा सकता है. उसी में से एक है साइबर सेल. यहां एक सिपाही भी बेहतर करके अपनी जगह बना सकता है. एडीजी आधुनिकीकरण जितेंद्र कुमार ने कहा कि यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित होगा. अब इसका अनुसंधान करने वाले ‘साइबर सेनानी’ के रूप में जाने जायेंगे.
पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में ईओयू के एडीजी जितेंद्र गंगवार ने कहा कि साइबर सेल एवं सोशल मीडिया यूनिट अब जिलों में होने वाले अपराधों की जांच में सहयोग करेगी. इसके लिए सरकार ने तैयारी पूरी कर ली है. उसी का हिस्सा यह प्रशिक्षण कार्यक्रम है. दो नवंबर तक यह कार्यक्रम चलेगा. पटना जोन को इस दौरान ट्रेनिंग दी जा रही है. पिछले पांच सालों में स्मार्टफोन का चलन बढ़ा है. इसी रफ्तार से इससे जुड़े अपराध भी 50-70 प्रतिशत साइबर अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज की गयी है.
पिछले साल ही प्रदेश में 500 से अधिक मामले दर्ज किये गये थे. इसलिए राज्य ही नहीं जिला स्तर पर भी साइबर सेल बनाया गया है. वर्तमान में प्रदेश में 74 यूनिट सक्रिय हैं. हर जिले में कम से कम एक यूनिट है. बड़े जिलों में चार-चार यूनिट तक काम कर रही है. एक यूनिट में 10 स्टाफ होता है. इसमें एक इंस्पेक्टर, तीन सब इंस्पेक्टर, दो कांस्टेबल और चार कंप्यूटर ऑपरेटर होते हैं. प्रोग्रामर भी होते हैं.
आईटी के सचिव राहुल सिंह ने कहा कि लाइसेंसी ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग सुरक्षित है. बिहार सरकार इसको प्राथमिकता के तौर पर अमल में ला रही है. इसी तरह एंटी वायरस को लेकर भी कोई समझौता नहीं करना चाहिए. अगले दो सालों में स्टेट का अलग से सिक्यूरिटी यूनिट बनेगा.
दबाव बढ़ा तो मंजू वर्मा के पति ने किया सरेंडर
डीजीपी केएस द्विवेदी ने कहा कि पुलिस का दबाव बढ़ा तो पूर्व समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति ने सरेंडर किया है. कुर्की जब्ती का आदेश जारी किया जा चुका था.
इसके भय से सरेंडर कर दिया. प्रदेश के विभिन्न जिलों में आपराधिक वारदातों के आरोपित वीडियो बना खुद सबूत दे रहे हैं. ऐसे वारदातों के खिलाफ पुलिस नियमानुसार कार्रवाई कर रही है.

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