पटना : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ ने शैक्षणिक कार्यों की मॉनीटरिंग को लेकर शिक्षा विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश पर सवाल खड़ा किया हैं. संघ ने पूछा है कि आखिर किस आधार पर विभाग शिक्षकों की योग्यता का आकलन कर उन पर कार्रवाई कर रहा है.
विभाग ने निरीक्षण के दौरान 413 माध्यमिक शिक्षकों को अयोग्य करार देते हुए उनकी वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक लगा दी थी. संघ के महासचिव सह पूर्व सांसद शत्रुध्न प्रसाद सिंह ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक को लिखे पत्र में कहा कि 07 अक्तूबर, 2018 को जारी आदेश में काफी त्रुटियां हैं. एक निर्देश में निरीक्षी पदाधिकारियों से निरीक्षित स्कूलों में असंतोषजनक शिक्षण वाले शिक्षकों की संख्या की सूचना मांगी गयी है. विभाग असंतोषजनक शिक्षण की क्या परिभाषा रखता है, यह स्पष्ट नहीं है.
