पटना : मुख्यमंत्री परिभ्रमण योजना का मामला

लचर प्रबंधन और कम राशि से छात्रों को परेशानी पटना : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को राज्य में ऐतिहासिक, भौगोलिक और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों, धरोहरों एवं विरासतों की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना चलायी जाती है. परंतु इस योजना में स्कूल के स्तर पर लचर प्रबंधन के साथ-साथ राशि कम […]

लचर प्रबंधन और कम राशि से छात्रों को परेशानी
पटना : सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को राज्य में ऐतिहासिक, भौगोलिक और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों, धरोहरों एवं विरासतों की जानकारी देने के लिए मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना चलायी जाती है. परंतु इस योजना में स्कूल के स्तर पर लचर प्रबंधन के साथ-साथ राशि कम होने की वजह से छात्रों को कई बार काफी परेशानी उठानी पड़ती है.
हाल में इस तरह तरह की कुछ घटनाएं हुई हैं, जिसमें स्कूल के स्तर पर लापरवाही और खराब प्रबंधन की बात सामने आयी है. पश्चिम चंपारण के एक स्कूल ने 75 बच्चों की टोली को पटना भ्रमण कराने के लिए ले आया, लेकिन उनकी बस खराब हो गयी. स्कूल प्रबंधन के स्तर पर इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं करने से बच्चों को पटना में मुख्य सड़क के किनारे जमीन पर पूरी रात सोना पड़ा.
बच्चों को खराब भोजन कराना या एक समय ही खाना खिलाने जैसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं. इन घटनाओं ने इस परिभ्रमण योजना को अव्यवस्थित बना दिया है. इस तरह की घटनाएं सामने आने पर संबंधित शिक्षकों या प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई भी होती है, लेकिन स्थिति सुधर नहीं रही है.
समुचित तरीके से बजट नहीं बनाने और जरूरत से ज्यादा दूर बच्चों को घुमाने ले आते हैं, वह भी बिना खाने और ठहरने का इंतजाम किये. मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण योजना के तहत राज्य सरकार अपने स्तर पर 20 हजार रुपये प्रत्येक माध्यमिक स्कूल के हिसाब से राशि देती है. शैक्षणिक वर्ष 2017-18 के लिए 11 करोड़ 47 लाख 80 हजार रुपये दिये गये थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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