पटना : यूपी में समाजवादी पार्टी की गुटबाजी को लेकर भले तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है ,लेकिन बिहार सपा में किसी तरह की गुटबाजी को पार्टी के नेता व कार्यकर्ता सिरे से खारिज कर रहे हैं. मुलायम-अखिलेश के नेतृत्व में बिहार सपा इकाई आगामी लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने के लिए एक लक्ष्य तय कर विजय पथ पर अग्रसर है.
पार्टी के नेता साफ तौर पर कहते हैं कि सपा संस्थापक मुलायम सिंह को इन्कार करना मुश्किल है. शिवपाल यादव का बिहार में कोई वजूद नहीं है. पार्टी आगामी चुनाव को लेकर पूरी तैयारी कर रही है. पार्टी का दावा है कि चुनाव में नजरअंदाज करना महागठबंधन के लिए आसान नहीं होगा.
सपा को भी मिलेगी सीट
महागठबंधन में शामिल समाजवादी पार्टी को भी आगामी लोकसभा चुनाव में सीट मिलेगी. सीटों का फैसला महागठबंधन के शीर्ष नेता करेंगे. बातचीत में तय होने पर वह मान्य होगा. कहा जा रहा है कि जमीन पर जिसकी जितनी ताकत है, उस आधार पर सीट शेयरिंग होना चाहिए. पार्टी हर समय चुनाव के लिए तैयार है. बूथ स्तर तक तैयारी चल रही है. समय आने पर चेहरे का भी खुलासा होगा.
पार्टी जनहित के मुद्दे पर आंदोलनरत
पार्टी जनहित से जुड़ी समस्याओं जैसे मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रही है. पिछले दो साल से किसानों, खेतिहर मजदूर, नौजवानों, महिलाओं पर अत्याचार आदि मुद्दे पर आंदोलनरत है.
25 जुलाई, 2016 को जिला स्तर पर किसान आंदोलन, नलकूप सत्याग्रह, 11 अगस्त, 2016 को पटना में जनहित के समस्याओं को लेकर राज्यपाल से मिल कर ज्ञापन सौंपा. नौ अगस्त के बाद 27 सितंबर 2018 को किसान आक्रोश मार्च आंदोलन हुआ. इस मुद्दे को लेकर 23 दिसंबर को किसान दिवस पर जेल भरो आंदोलन करेगी. इससे पार्टी का जुड़ाव सीधा जनता से हो रहा है.
समाजवाद केवल शब्दों में नहीं जमीन पर भी दिख रहा है
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि बिहार में पार्टी सभी जिले में संगठनात्मक स्ट्रक्चर खड़ा कर चुकी है. इसके लिए जिलों में पार्टी के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. जन समस्याओं को लेकर लोगों से जुड़ने का काम हो रहा है.
समाजवाद केवल शब्दों में नहीं जमीन पर दिख रहा है. महागठबंधन में पार्टी को पूरा सम्मान मिलेगा. महागठबंधन में शामिल राजद, कांग्रेस, वामदलों द्वारा जन समस्याओं को लेकर किये गये प्रदर्शन में सपा अच्छी भूमिका निर्वहन की है. महागठबंधन इसे नजरअंदाज नहीं करेगी. समय आने पर चेहरे का खुलासा होगा.
संकल्प में दिया
जायेगा भाजपा को जवाब : पार्टी नेताओं का कहना है कि पार्टी का संकल्प ही विकल्प है. पार्टी विकल्प की चिंता नहीं करती है. भाजपा का कहना कि कोई विकल्प नहीं है. यह चुनाव में पता चलेगा.
