पटना : मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित निगम बोर्ड की बैठक में नगर आयुक्त अनुपम कुमार सुमन ने कंसल्टेंट व ट्रांजेक्शन एडवाइजर की सेवा लेने से संबंधित प्रस्ताव सदन में रखे. प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नगर आयुक्त ने सदन से बताया कि राजधानी में 2700 किमी सड़कें हैं, जिसमें पथ निर्माण विभाग की 200 किलोमीटर सड़कें हैं.
2500 किमी सड़कें निगम के अधीन हैं, जिन्हें स्मार्ट सड़क में तब्दील करने की जिम्मेदारी दी गयी है. इस योजना पर करीब सात हजार करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे और खर्च होने वाली राशि राज्य सरकार मुहैया करायेगी.
इसको लेकर कंसल्टेंट व ट्रांजेक्शन एडवाइजर की आवश्यकता है. इनकी नियुक्ति पर प्रतिमाह 16 लाख रुपये खर्च होंगे. इसके बाद निगम बोर्ड से सबकी सहमति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा कि शीघ्र कंसल्टेंट व एडवाइजर की नियुक्ति करें, ताकि छोटी-बड़ी परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा सके.
नाला व फुटपाथ किये जायेंगे दुरुस्त :
इन सड़कों के पास नालों को भी दुरुस्त किया जायेगा. फुटपाथ और प्लांटेशन भी दुरुस्त किये जायेंगे. नगर आयुक्त ने बताया कि ठोस कचरा प्रबंधक के तहत वाहनों व उपकरणों को खरीदा जाना है. इसको लेकर जैम पोर्टल के माध्यम से एजेंसी चयनित कर ली गयी है.
आपूर्ति को लेकर एजेंसी से एग्रीमेंट करना है. जैम-पोर्टल से खरीदी गयी उपकरणों की क्वालिटी पर वार्ड पार्षद कुमार संजीत ने सवाल उठाया. इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि दो वर्ष पहले ऑटो टीपर की खरीदारी साढ़े सात लाख में की गयी और जैम-पोर्टल के माध्यम से सिर्फ 5.25 लाख रुपये में खरीदी गयी है. उपकरणों की जांच का प्रमाणपत्र मिलने के बाद भुगतान होगा.
सॉफ्टवेयर के माध्यम से 24 घंटे में नक्शा स्वीकृत हो जाये, इसको लेकर एजेंसी चयनित कर ली गयी है, जो सॉफ्टवेयर देंगी. इस सॉफ्टवेयर में बिल्डिंग बायलॉज व मास्टर प्लान फीड किये जायेंगे. इस प्रस्ताव पर भी बोर्ड ने मोहर लगा दी.
मौर्यालोक परिसर में निगम मुख्यालय को 4.40 करोड़ रुपये से सूरत बदली जायेगी. नगर आयुक्त ने बताया कि महिला-पुरुष पार्षदों को बैठने के लिए हॉल, मीटिंग हॉल और कांफ्रेंस हॉल बनाये जायेंगे. इसमें 100 लोगों को बैठने की व्यवस्था की जायेगी.
113 दैनिक कर्मियों को स्थायी नौकरी
नगर निगम में 10 वर्षों से कार्यरत दैनिक मजदूरों को स्थायी नौकरी देने से संबंधित प्रस्ताव सदन में रखा गया. नगर आयुक्त ने कहा कि 113 कर्मियों को प्रथम चरण में चयनित किया गया है. इसके बाद जैसे-जैसे प्रमाण पत्रों की जांच की जायेगी, वैसे-वैसे कर्मियों को स्थायी नौकरी दी जायेगी. वार्ड-31 की पार्षद रानी कुमारी ने अपनी वार्ड की समस्या बताते हुए कहा कि वार्ड में पीने के पानी की समस्या है.
पाइप लाइन बिछाने को लेकर अनुशंसा दी गयी है. लेकिन, कोई काम नहीं हो रहा है. इसके जवाब में जलापूर्ति शाखा के कार्यपालक पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि टेंडर में चला गया है. इस पर पार्षद भड़क गयीं और कहा कि जनहित की योजना का शीघ्र क्रियान्वयन करें.
