पटना : जीएसटी के वर्तमान नियमों के तहत ऐसे सभी कम्पोजीशन स्कीम के तहत पंजीकृत कारोबारी, जिनका टर्न ओवर दो करोड़ रुपये तक है, उन्हें सालाना रिटर्न फॉर्म जीएसटीआर-9 ऑनलाइन भरना आवश्यक है. इस नये प्रावधान को लेकर प्रभात खबर ने सीए आशीष अग्रवाल से विस्तार से बातचीत की. प्रस्तुत है बातचीत का प्रमुख अंश…
— ऑडिट रिपोर्ट में सालाना रिटर्न के आंकड़ों का मिलान कारोबार के लेखा पुस्तकों से करते हुए ग्रास टर्न ओवर आईटीसी, टैक्स ड्यू और टैक्स पैड की विस्तृत जानकारी देना आवश्यक है. इसमें कारोबारियों द्वारा की गयी गलतियों को दिखाने या उल्लेख करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी ऑडिटर पर डाली गयी है.
— जीएसटी के सालाना रिटर्न फाॅर्म जीएसटीआर-9 और जीएसटी-9 ए में न केवल आंकड़ों का मिलान करना है, बल्कि एचएसएन कोड के अनुसार गुड्स और सर्विसेज की भी जानकारी भी देना है. इसके अलावा चाहे कारोबारी का टर्न ओवर कितना भी हो, जीएसटी कानून लागू होने के बाद यह पहला वर्ष होगा जब सालाना रिटर्न भरा जायेगा.
— सालाना रिटर्न तय समय पर नहीं जमा करने पर प्रतिदिन 100 रुपये का जुर्माना देना होगा. वहीं ऑडिट रिपोर्ट जमा नहीं करने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना का भुगतान करना होगा.
