राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को दिये निर्देश
पटना : राज्यपाल लालजी टंडन ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में नवाचार प्रयोगों को ज्यादा तवज्जों देने का निर्देश दिया है. उन्होंने अपने प्रधान सचिव को देश के सभी विश्वविद्यालयों के बेस्ट प्रैक्टिस की जानकारी लेकर उन्हें बिहार के विश्वविद्यालयों में भी लागू करने के लिए कहा गया है
इसी क्रम में सभी विश्वविद्यालयों में पदस्थापित नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर के समूहों के लिए चार कार्यशालाएं अलग-अलग तिथियों में आयोजित की जायेंगी. इसका सिलसिला चार अक्तूबर से शुरू हो गया है. भौतिकी और रसायन विभाग के प्राध्यापकों की कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हो गयी. जबकि अर्थशास्त्र और अंग्रेजी विषय के प्राध्यापकों की कार्यशाला आगामी 11 अक्टूबर, भूगोल और गणित विषय की 25 अक्टूबर तथा मनोविज्ञान एवं दर्शनशास्त्र विभाग के आगामी एक नवंबर को राजभवन में संपन्न होगी.
अनुभव और आइडिया पांच दिनों में ई-मेल पर भेजें : चार अक्तूबर को आयोजित नवनियुक्त सहायक प्राध्यापकों की कार्यशाला को संबोधित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि बिहार राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में पदस्थापित नये प्राध्यापकों को अपने तत्कालीक अनुभवों और आइडिया को पांच दिनों के अंदर ई-मेल पर भेज दें.
इसके लिए निर्धारित प्रत्येक विषय में नवनियुक्त तीन-तीन प्राध्यापकों की समिति बना दी गयी है. एक समिति पाठ्यक्रम के आधुनिकीकरण, दूसरी प्रयोगशाला में उपकरणों, तीसरी समिति पुस्तकालय के संचालन और चौथी समिति कक्षाओं में छात्र उपस्थिति बढ़ाने को लेकर सुझाव राजभवन को देगी. पांचवीं समिति शोध कार्यों को लेकर आवश्यक सुझाव देगी.
साझा किये अपने विचार
प्रधान सचिव ने कहा कि विश्वविद्यालयों में आधारभूत संरचना विकास के लिए आवश्यक सुझाव करने के लिए भी समिति गठित होगी. कार्यशाला के दौरान सहायक प्राध्यापकों ने देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अपने अध्ययन काल के अनुभवों के साथ-साथ बिहार के विश्वविद्यालयों में बाहर के विश्वविद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस के कार्यान्वयन के बिंदु पर अपने विचार साझा किये. इस दौरान अपर सचिव विजय कुमार, शिक्षा विभाग के विशेष सचिव सतीशचंद्र झा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.
