पटना : लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) के संरक्षक शरद यादव ने मोतिहारी के महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय में अराजकता का आरोप लगाया है. वहां के कुलपति प्रो अरविंद अग्रवाल पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी डिग्री और अकादमिक उपाधियों में जालसाजी कर यह पद हथियाया है.
वे कुलपति पद के अयोग्य तो हैं ही, वे विश्वविद्यालय में पनप रही आपराधिक गतिविधियों के संरक्षक, प्रेरक और अपराधी तत्वों के सरगना भी हैं. वे अपनी मनमानी के खिलाफ आवाज उठाने वालों तथा अपने अनुचित आदेशों का पालन न करने वाले शिक्षकों पर जानलेवा हमले भी करवाते हैं. इस मामले में शरद यादव ने कहा है कि राष्ट्रपति को संज्ञान लेकर संबंधित मंत्रालय को इस बारे में कार्रवाई के लिए उचित निर्देश देना चाहिए. इससे विश्वविद्यालय में स्वस्थ शैक्षणिक माहौल की बहाली हो सकेगी.
आरोपितों को नहीं किया गया गिरफ्तार
शरद यादव ने कहा कि इसका सबसे बड़ा प्रमाण बीते 17 अगस्त को सहायक प्राध्यापक डॉ संजय कुमार पर कराया गया जानलेवा हमला है. हमलावरों का साफ कहना था कि कुलपति और उनके समर्थकों के खिलाफ आवाज उठाने वालों का यही हश्र होगा. इसका वीडियो वायरल हुआ है.
संजय कुमार ने पुलिस में हमले की रिपोर्ट दर्ज कराते समय जिन लोगों के नाम लिए हैं, उन सबको विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो-दो, तीन-तीन अग्रिम वेतन वृद्धि दी है. इसका जिक्र सीएजी की नमूना जांच रिपोर्ट में भी है. मामले का एक भी आरोपित अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया.
