बसें कहां रुकें, कहीं दुकान तो कहीं बनाया बसेरा

शहर के बस क्यू शेल्टरों का हाल, अतिक्रमण से हाल हो गया है खराब शहर के बस स्टैंडों (बस क्यू शेल्टर) का हाल बुरा है. बेली रोड, फ्रेजर रोड, अशोक राजपथ से लेकर अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर बने बस क्यू शेल्टरों में से अधिकांश पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा बना लिया है. कई जगहों पर फुटपाथ […]

शहर के बस क्यू शेल्टरों का हाल, अतिक्रमण से हाल हो गया है खराब
शहर के बस स्टैंडों (बस क्यू शेल्टर) का हाल बुरा है. बेली रोड, फ्रेजर रोड, अशोक राजपथ से लेकर अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर बने बस क्यू शेल्टरों में से अधिकांश पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा बना लिया है. कई जगहों पर फुटपाथ दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल रखी हैं.
कुछ जगहों पर लोगों से अपना बसेरा बना लिया है. दूसरी तरफ शहर के विभिन्न रूटों पर चल रही बसें भी इन स्टैंडों पर नहीं रुकती. बीच सड़क पर ही यात्रियों को चढ़ाया और उतारा जाता है. कुछ मिला कर कहानी ऐसी है कि करोड़ों की लागत से बने ये स्टैंड बेकार पड़े हैं. हालात ये हैं कि बस स्टॉपेज पर अतिक्रमण होने से यात्रियों को खास तौर पर बरसात और गर्मियों में परेशान होना पड़ता है. सिटी ट्रांसपोर्ट के तमाम वाहन कहीं भी यात्रियों को भरने लगते हैं. इससे अनावश्यक जाम लग जाता है. प्रभात खबर टीम ने उन्हीं जगहों की पड़ताल की. पेश है एक रिपोर्ट…
फिलहाल कुछ जगहों को छोड़ कर बाकी जगहों पर किसी-न-किसी रूप में अतिक्रमण है. आर ब्लॉक के दोनों तरफ शेल्टर बने हैं. एक जगह पर लोगों ने अपना बसेरा बना लिया है. वहीं, एक तरफ ठेला-खोमचा लगाकर दुकानें लगायी जाती हैं. जीपीओ गोलंबर का हाल भी खराब है.
दोनों तरफ से ऑटो वाले कब्जा जमाये रखते हैं. इसके अलावा रेलवे जंक्शन गोलंबर के बस शेल्टर पर फुटपाथी दुकानदारों ने अतिक्रमण कर लिया है. सामने से बस स्टैंड नहीं दिखते हैं. इसके अलावा कारगिल चौक के बस स्टैंड पर भी भारी अतिक्रमण है. बांकीपुर बस स्टैंड के पास बने बस क्यू शेल्टर पर दुकानें सजी रहती है. इस तरह अशोक राजपथ में कई जगह अतिक्रमण है. इनकम टैक्स के पास नगर निगम ने डस्टबीनों को रख दिया है. बेली रोड पर हड़ताली मोड़ से हनुमान मंदिर तक दो स्टॉपेज हैं, यहां लोगों ने गंदगी जमा करने का अड्डा बना रखा है. उन पर भिखारी और असामाजिक तत्व जमे देखे जा सकते हैं.
13 करोड़ की लागत से बने थे क्यू शेल्टर
लगभग चार वर्ष पहले शहर में बस स्टैंडों का निर्माण किया गया था. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत बिहार शहरी आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड यानी बुडको की ओर से वर्ष 2014 के अंत में शहर में 110 ऐसे बस क्यू शेल्टरों का निर्माण किया जाना था. इसके निर्माण की लागत 13.72 करोड़ के लगभग थी. जमीन नहीं मिलने के कारण लगभग 90 बस शेल्टरों का ही निर्माण किया जा सका. एक शेल्टर की लागत लगभग दस लाख के करीब थी. बस शेल्टरों पर कई सुविधाएं दी जानी थी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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