आनंद तिवारी
पटना : मोटी कमाई और कमीशन के फेर में मरीजों को दी जा रही एंटीबायोटिक दवाओं का ओवरडोज बीमारियों को दूर करने के बजाय परेशानी को और बढ़ा रहा है. इन दिनों अकेले पटना जिले में करीब 50 फीसदी मरीज वायरल अटैक के शिकार हैं. शहर के बड़े डॉक्टरों की मानें तो वायरल में एंटीबायोटिक दवा नहीं दी जाती हैं. लेकिन, पटना सहित पूरे बिहार में वायरल फीवर में 40 प्रतिशत से अधिक मरीज को दवाएं दी जा रही हैं.
खासकर सर्दी खांसी और सिर दर्द की शिकायत वाले मरीजों को भी एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं. इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो रही है. बिहार सहित पूरे भारत में एंटीबायोटिक्स दवाओं के बढ़ते बाजार व मरीजों की बिगड़ती सेहत को देखते हुए ड्रग्स टेक्नीकल एडवाइजरी बोर्ड (डीटीएबी) ने एंटीबायोटिक को प्रतिबंधित करने की सिफारिश की है.
