अंतिम पायदान तक पहुंचीं 400 महिलाएं गर्भवती होना पड़ा भारी, शारीरिक जांच में पायी गयीं अयोग्य, टूटा दारोगा बनने का सपना

शनिवार को दारोगा बहाली की शारीरिक परीक्षा का था अंतिम दिन पटना : दारोगा बनने के लिए अंतिम पायदान तक पहुंची करीब 400 महिलाओं के लिए गर्भवती होना होना भारी पड़ गया. राजधानी के पटना हाई स्कूल के मैदान में शनिवार को दारोगा बहाली की शारीरिक परीक्षा का अंतिम दिन था. ऑनर्स के साथ बॉटनी […]

शनिवार को दारोगा बहाली की शारीरिक परीक्षा का था अंतिम दिन
पटना : दारोगा बनने के लिए अंतिम पायदान तक पहुंची करीब 400 महिलाओं के लिए गर्भवती होना होना भारी पड़ गया. राजधानी के पटना हाई स्कूल के मैदान में शनिवार को दारोगा बहाली की शारीरिक परीक्षा का अंतिम दिन था.
ऑनर्स के साथ बॉटनी में पीजी कर चुकी औरंगाबाद की लकी कुमारी, जहानाबाद की प्रियंका, नालंदा की पूजा भारती, आरा की अन्नू सिंह, मसाैढ़ी की रीना कुमारी, पटना की रोजी भी अन्य महिला अभ्यर्थियों की तरह शारीरिक परीक्षा देने पहुंची थीं.
परीक्षा से पूर्व डाक्टरों ने जांच की तो परीक्षा के लिये अयोग्य पाया. इनमें कोई छह माह की गर्भवती थी, तो किसी के आठ माह पूरे हो चुके थे. एक अभ्यर्थी ऐसी भी थी, जिसकी डिलिवरी इसी 26 सितंबर को हुई थी. सभी ने आयोग से गुहार लगायी कि आयोग उनकी परीक्षा बाद में करा ले, लेकिन आयोग राहत देने में असमर्थ है. हालांकि सभी से प्रार्थना पत्र ले लिया गया है.
ससुराल ने गर्भपात नहीं कराने दिया, आयोग ने परीक्षा से रोक दिया
दारोगा बनने का सपना टूटने पर ‘वह’ पेड़ की ओट में रो रही थी. वह भी पति से छिप कर. प्रभात खबर संवाददाता ने उसे टोका तो झल्ला कर बोली, मुझे डिस्टर्ब न करो. कुछ देर बाद उससे बात की, तो उसने बताया कि गर्भवती होने के कारण दारोगा बहाली की परीक्षा से बाहर हो गयी है. दारोगा बनने के लिये उसने शादी के बाद भी तैयारी की थी. हर तरह से खुद को फिट रखा. प्रारंभिक परीक्षा के बाद पता चला कि वह गर्भवती है, ताे गर्भपात कराने पहुंच गयी. तीन साल बाद बहू गर्भवती हुई थी, इसलिए ससुराल वालों ने हंगामा बरपा दिया. पति अस्पताल से ले आया. अब उसका एक ही सवाल था मैं दारोगा नहीं बन पाऊंगी, इसमें मेरा क्या कसूर है?
क्या कहा अभ्यर्थियों ने
पहले की भर्ती में गर्भवती महिलाओं को बाद में मौका दिया गया था, इसमें भी ऐसा होना चाहिए.
—रोजी कुमारी
—नगीना, बीएमपी 14
—अन्नू, आरा
क्या कहते हैं अधिकारी
मेडिकल बोर्ड ने जिन गर्भवती महिलाओं को शारीरिक परीक्षा के लिए फिट पाया है, उनको परीक्षा में शामिल किया गया है. बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग आयोग नियमानुसार कार्य करने के लिये बाध्य है.
—अशोक प्रसाद, ओएसडी, बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग

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