जिले के 149 प्रत्याशियों में से 121 अपनी जमानत भी नहीं बचा सके

पटना जिले में 14 विधानसभा में 149 प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े हुए. इसमें 121 प्रत्याशी जरूरत के हिसाब से वोट नहीं प्राप्त कर सके.

पटना:

पटना जिले में 14 विधानसभा में 149 प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े हुए. इसमें 121 प्रत्याशी जरूरत के हिसाब से वोट नहीं प्राप्त कर सके. ताकि उनकी जमानत बच जाये. इन प्रत्याशियों को वोटरों का अपेक्षित समर्थन प्राप्त नहीं हुआ. इस वजह से कुल प्रत्याशियों के 81.20 प्रतिशत से अधिक प्रत्याशी अपनी जमानत बचाने में नाकाम रहे. चुनाव परिणाम में आमने-सामने वाले मुख्य दलों के प्रत्याशी को ही वोटरों ने अपना समर्थन दिया. कई राजनीतिक दलों के नए चेहरों व निर्दलीय उम्मीदवारों की जमानत भी भारी संख्या में जब्त हुई. कई अनुभवी उम्मीदवार भी इस बार जनता का भरोसा जीतने में नाकाम रहे. ऐसे में कई ऐसे प्रत्याशी जो जमीन से जुड़े मुद्दों पर मजबूत पकड़ नहीं बना सके उन्हें वोटरों ने नकार दिया. वे आवश्यक वोट प्रतिशत हासिल नहीं कर पाये. टक्कर देनेवाले प्रत्याशी न्यूनतम वोट नहीं प्राप्त कर सके : चुनाव में टक्र देनेवाले प्रत्याशी भी न्यूनतम वोट प्राप्त नहीं कर सके. जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी भी अपनी किस्मत का दांव लगाये. लेकिन जमानत बचाने के लिए न्यूनतम वोट का आंकड़ा भी प्राप्त नहीं कर सके. दीघा से त्रिकोणीय मुकाबला देने के लिए जन सुराज पार्टी के रितेश रंजन सिंह चुनाव मैदान में उतरे. चुनाव प्रचार के दौरान समर्थकों के द्वारा कड़ी टक्कर देने की बात कही जा रही थी. लेकिन वोटों की गिनती में उन्हें 22071 वोट मिले. दीघा विधानसभा में छह नवंबर को कुल 195696 वोटरों ने वोट किया. दीघा में जमानत बचाने के लिए प्रत्याशियों को न्यूनतम 32616 वोट मिलना चाहिए. दीघा विधानसभा में नौ प्रत्याशी जमानत बचाने में असफल रहे.

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By KUMAR PRABHAT

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