पटना : बिहार दर्शन योजना के तहत राज्य के विभिन्न हिस्सों से हर दिन स्कूली बच्चे राजधानी घूमने व देखने आ रहे हैं. लेकिन आपात स्थिति में उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था तक नहीं है. स्कूल प्रशासन ऐसे मामलों में लापरवाही बरतता है. इसका एक नमूना मंगलवार की रात बेली रोड स्थित चिड़िया घर के गेट नंबर-1 के सामने देखने को मिला.
यूएमएस, मच्छरगवा,बनकटवा के ये स्कूली बच्चे चंपारण जिला से मंगलवार को यहां आये. जिस बस से बच्चे आये वह बस चिड़िया घर के सामने खराब हो गयी. बच्चों को पूरी रात गेट के सामने खुले आसमान के नीचे ही गुजारनी पड़ी.
बरसात के इस मौसम में रात भर बच्चे सड़क किनारे फुटपाथ पर सोये रहे, जहां मच्छर, कीड़े-मकोड़ों से भी बच्चे परेशान दिखे. रात के वक्त इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों का भय भी होता है. इतना ही नहीं बच्चों को लेकर शिक्षिकाएं आयी हैं, वे भी सड़क किनारे ही बच्चों के पास दुबकी रहीं. पूरी रात बच्चे व शिक्षिकाएं भगवान भरोसे रहीं.
