पटना : कीमती जमीन पर टांग अड़ा कर बनाया दुश्मन, शूटर गुड्डू व बबलू ने कर दी हत्या, साजिशकर्ता गिरफ्तार

आधी उम्र तक किडनैपिंग, मर्डर और रंगदारी के बाद अब आर्थिक अपराध में उतर चुका था तबरेज आलम पटना : पिछले दो दशक से अपराध जगत में तबरेज आलम उर्फ तब्बू का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं था. वर्ष 2001 में पटना के कोतवाली इलाके में मर्डर, झारखंड के धनबाद व पश्चिम बंगाल में […]

आधी उम्र तक किडनैपिंग, मर्डर और रंगदारी के बाद अब आर्थिक अपराध में उतर चुका था तबरेज आलम
पटना : पिछले दो दशक से अपराध जगत में तबरेज आलम उर्फ तब्बू का नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं था. वर्ष 2001 में पटना के कोतवाली इलाके में मर्डर, झारखंड के धनबाद व पश्चिम बंगाल में कई बड़ी घटनाओं को अंजाम देने वाले तब्बू ने अपनी आधी उम्र अपहरण, हत्या और रंगदारी वसूलने में गुजार दी थी. उसके नाम का सिक्का चलता था, सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन के शूटर के रूप में पहचान बनाने वाले तबरेज ने अपराध तो नहीं छोड़ा था, लेकिन उसके तौर-तरीके जरूर बदल गये थे. सीधे तौर पर कहें तो वह अब अपनी पुरानी क्रिमिनल पहचान के जरिये आर्थिक अपराध में उतर गया था.
किसी भी कीमती जमीन पर हाथ रख कर तब्बू उसको कब्जा लेना चाहता था. सामने वाले को अपना नाम बता कर डराता था. पिछले बुधवार को भी फुलवारीशरीफ के नौसा में भी कुछ ऐसा ही हुआ था. सूत्रों कि मानें, तो नौसा में कीमती प्लाॅट है, जिस पर सब्जीबाग के रहने वाले डब्ल्यू मुखिया अपना दावा करता है. पिछले दिनों डब्ल्यू मुखिया ने नौसा वाले प्लॉट पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया था. तबरेज आलम ने मजदूरों को हड़का कर भगा दिया. यह बात डब्ल्यू मुखिया के पास पहुंच चुकी थी. यहीं से मामला गर्म हुआ.
पटना, जहानाबाद समेत कई जिलों में चल रही है छापेमारी
पटना से लेकर जहानाबाद तक तब्बू के दुश्मनों ने मिला लिया हाथ
फुलवारीशरीफ के नौसा में प्लॉट पर तबरेज आलम के टांग अड़ा देने से डब्ल्यू मुखिया परेशान हो गया था. उसने अपने पटना के कुछ दोस्तों से बात की. धीरे-धीरे यह जानकारी मिली कि तबरेज यहीं नहीं, अपने गृह जनपद जहानाबाद में भी कई विवादित जमीनों पर कब्जा कर चुका था. डब्ल्यू ने कुछ और जानकारी इकठ्ठा की, तो पता चला कि जहानाबाद के बबलू और गुड्डू से भी तबरेज का जमीन विवाद है.
जहानाबाद के ही तारीक मलिक से भी उसकी दुश्मनी है. बस यहीं से सभी दुश्मनों के इकट्ठा होने का एक जरिया मिल गया. जहानाबाद से लेकर पटना तक उसके दुश्मन एक हो गये और हाथ मिला लिया. फिर गुड्डू और बबलू ने तबरेज को रास्ते से हटाने की साजिश रची. इसके बाद तबरेज की रेकी शुरू हो गयी. प्रत्येक शुक्रवार को पटना कोतवाली के पास मौजूद मस्जिद में तबरेज जुमे की नमाज अदा करने आता था.
इसकी जानकारी होने के बाद सटीक रेकी की गयी और शुक्रवार को बड़ी ही आसानी से पल्सर से आये गुड्डू और बबलू ने उसकी हत्या कर दी. एसएसपी मनु महाराज ने शनिवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि शूटरों की पहचान कर ली गयी है. सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से दोनों की पहचान हुई है. उनकी गिरफ्तारी के लिए पटना, सीवान, जहानाबाद, धनबाद आदि जगहों पर छापेमारी की जा रही है.
ईदगाह में जनाजे की नमाज में उमड़े हजारों लोग
शहर के गड़ेरियाखंड मुहल्ले के निवासी तबरेज आलम का शव शुक्रवार की रात करीब 1 बजे पटना से जहानाबाद लाया गया. सुबह होते ही बड़ी संख्या में लोग मातमपुर्सी करने उसके घर पर पहुंचे और शोक व्यक्त किया. उसकी हत्या की खबर सुनकर बाहर में रह रहे उनके भाई एवं परिवार के कई सदस्यों के अलावे शुभचिंतकों की भारी भीड़ घर पर जुटी थी. शनिवार की दोपहर 2 बजे स्थानीय ईदगाह में हजारों की संख्या में लोग जनाजे की नमाज में शामिल हुए. हजरत मौलाना अजहर खां हबीबी मिस्बाही ने नमाज पढ़ाई.
एक्जिबिशन रोड में एलआईसी बिल्डिंग के पास से बरामद हुई हत्या में प्रयुक्त बाइक
दरअसल तबरेज आलम की हत्या के बाद भागने के क्रम में दोनों शूटरों ने पल्सर बाइक को अदिति कम्युनिटी हॉल के बगल से जाने वाले रास्ते में एलआईसी बिल्डिंग से पहले छोड़ दिया था. इधर हत्या के बाद पुलिस सभी सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही थी. इस दौरान एक सीसीटीवी में फुटेज मिल गया. इसके आधार पर छानबीन शुरू की तो बाइक लावारिस हालात में पायी गयी. पुलिस ने बाइक को कब्जे में लिया है.
बाइक की आधी बॉडी नीले रंग की है और आधी काले रंग की है. बाइक पर बीआर 25 डी-1914 नंबर लिखा हुआ है, लेकिन पुलिस की मानें, तो यह नंबर फर्जी है. गाड़ी पर इंजन नंबर और चेचिस नंबर भी साफ नहीं है. इसे मिटा दिया गया है. मतलब कि हत्या में प्रयुक्त गाड़ी को मोडिफाई किया गया है. फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है. एफएसएल की टीम ने भी बाइक की बारीकी से जांच की है. जांच के लिए कुछ सैंपल भी लिये गये हैं.
घटना स्थल से एफएसएल की टीम को मिला पिलेट
तबरेज आलम उर्फ तब्बू की हत्या के बाद शनिवार को एफएसएल की चार सदस्यीय टीम घटना स्थल पर पहुंची थी. यहां से जांच टीम ने ब्लड सैंपल लिया है. इसके अलावा लेड कोर ऑफ फायर बुलेट (पिलेट) बरामद किया गया.
इसके पहले शुक्रवार को घटना के तत्काल बाद चार पिलेट बरामद हो चुके हैं. एफएसएल यहां सैंपल लेने के बाद कोतवाली पहुंची. वहां पर तबरेज की सफारी गाड़ी की भी जांच की गयी है. अंदर रखे सामान को भी चेक किया गया. इस दौरान गाड़ी के कुछ पार्ट की पैकिंग मिली. इसके अलावा आगे वाले ग्लास से मिरर रोल बरामद किया गया. एफएसल ने अपनी जांच में यह पुष्ट किया है कि गोली बाहर चली है. गाड़ी के अंदर फायरिंग का कोई निशान नहीं मिला है.
इनके खिलाफ दर्ज हुई है नामजद प्राथमिकी
फारूख आलम अली, जहानाबाद. वर्तमान पता सालिमपुर अहरा
अंजर खान, निवासी गया
रुमी मल्लिक, सब्जीबाग
तारिक मलिक, जहानाबाद
गुड्डू, निवासी जहानाबाद
बबलू उर्फ बिल्ला, जहानाबाद
डब्ल्यू मुखिया, सब्जीबाग
पटना/जहानाबाद. तबरेज आलम उर्फ तब्बू की हत्या के सिलसिले में पटना पुलिस ने जहानाबाद शहर के खानबहादुर रोड के निवासी तारिक मलिक उर्फ तारिक हैदर को गिरफ्तार किया. शुक्रवार की मध्य रात्रि पटना के एएसपी अभियान अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस पटना से जहानाबाद पहुंची थी.
तबरेज उर्फ तब्बू का शव पहुंचने के पूर्व ही पुलिस टीम ने शहर की बड़ी मस्जिद से पूरब पोस्ट ऑफिस वाली गली व खानबहादुर रोड स्थित एक मकान में छापेमारी की. यहां से तारिक मलिक उर्फ तारिक हैदर को गिरफ्तार कर पुलिस पटना ले आयी है. यहां शनिवार को पूछताछ के बाद तारिक मलिक उर्फ तारिक हैदर को जेल भेज दिया गया है. यह भी बताया जाता है कि तारिक का नाम जहानाबाद के स्टेशन रोड में संचालित जायका रेस्टोरेंट के संचालक से दो करोड़ रुपये रंगदारी मांगे जाने के मामले में भी आया था.

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