राजीव नगर मोड़ से दीघा घाट तक हटाये गये अतिक्रमण के दौरान मिला जखीरा
पटना : आर ब्लॉक-दीघा रेलखंड से हटाये जा रहे अतिक्रमण में शुक्रवार को एक बड़ा मामला निकल कर आया. अतिक्रमण हटाने के दौरान जिला प्रशासन की टीम ने सैकड़ों लीटर देसी शराब बरामद किया. जेसीबी की खुदाई में दीघा मुसहरी के पास जमीन के भीतर प्लास्टिक के गैलेन में दबायी गयी देसी शराब को बरामद किया. अतिक्रमण हटाने की शुरुआत राजीव नगर रेलवे क्रासिंग से की गयी.
क्रासिंग के पास से ही दर्जनों झोपड़ियों व खटाओं को हटाया गया. इसके बाद आगे बढ़ कर कुछ स्थायी निर्माण को भी तोड़ा गया, जो सीधे तौर पर अतिक्रमण में नजर आ रहे थे. दिन में लगभग एक बजे प्रशासन की टीम दीघा मुसहरी से अतिक्रमण हटाने के लिए वहां बनी झुग्गी झोपड़ियों को हटाना शुरू किया. लगभग एक घंटे तक अभियान चला. उस दौरान वहां से शराब बरामद की गयी. इसके बाद आगे दीघा घाट तक अतिक्रमण हटाया गया.
दोपहर के लगभग 2:30 बजे जिलाधिकारी कुमार रवि दीघा मुसहरी के पास पहुंचे थे. उन्होंने अतिक्रमण हटाने के बाद गैलेन में भरी महुआ शराब को देखा. इसके बाद उन्होंने टीम को जमीन खुदाई करने के निर्देश दिये.
टीम ने लगभग 700 मीटर तक जमीन की खुदाई की. इसके बाद एक बाद एक हजारों गैलन निकले. जिसमें महुआ व जावा शराब भरा था. मौके पर मौजूद जिलाधिकारी ने मौके पर ही सैकड़ों लीटर देसी शराब को नष्ट करवाया. फिर उन्होंने कहा कि आगे भी इस तरह के जगहों को चिह्नित किया गया है. जिसमें कार्रवाई की जायेगी.
पांच पर नामजद व कई अज्ञात पर प्राथमिकी : जिला प्रशासन की ओर से दीघा थाना में देसी शराब मामले में पांच पर नामजद व कई अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. नामजद में जगदीश मांझी, गोरख मांझी, सुकृत मांझी, कंचन पासवान व इंद्र मांझी को आरोपित बनाया गया है. दीघा थाना प्रभारी ने बताया कि इस दौरान 60 लीटर महुआ व 43 किलो जावा शराब बरामद किया गया है.
ऊपर से झोंपड़ी, भीतर शराब बनाने का कारोबार
आसपास के लोगों की मानें तो देसी शराब बनाने का कारोबार वर्षों से चल रहा था. लोग ऊपर से झोपड़ी बना कर रहते थे. भीतर जमीन में दबा कर देसी शराब बनाने का कारोबार चल रहा था. इसमें पहले भी कार्रवाई की गयी थी. जब जिला प्रशासन की टीम अतिक्रमण हटा रही थी. उस दौरान भी कई लोग देसी शराब पी कर घूम रहे थे.
कागज के साथ पैसा लेकर लगा रहे थे गुहार : अतिक्रमण हटाने के दौरान कई लोगों के स्थायी निर्माण भी अवैध रूप से बने हुए मिले. इन पर कार्रवाई के लिए प्रशासन नापी करा रहा है. शुक्रवार को कई जगहों पर इसको लेकर नापी की गयी. नापी के बाद कई लोग सीओ से फिर से नापी कराने व एक दिन का समय देने की मांग कर रहे थे. इसमें एक व्यक्ति अपनी जमीन के कागज के साथ पांच सौ रुपये का एक नोट भी सीओ को देने का प्रयास कर रहा था.
