पटना : एजेंसी 770 रुपये प्रति मीटरिक टन निगम से खरीदेगी कचरा

कचरे से बिजली बनाने वाली एजेंसी का हुआ चयन पटना : कूड़ा डंपिंग यार्ड में निजी एजेंसी के सहयोग से कचरा रिसाइकलिंग प्लांट लगाने की योजना है. इस योजना के तहत निगम प्रशासन ने जर्मनी बेस्ड एजी डॉटर्स नामक निजी एजेंसी को चयनित किया है, जो कचरे से बिजली, डीजल व पानी के उत्पादन करेगी. […]

कचरे से बिजली बनाने वाली एजेंसी का हुआ चयन
पटना : कूड़ा डंपिंग यार्ड में निजी एजेंसी के सहयोग से कचरा रिसाइकलिंग प्लांट लगाने की योजना है. इस योजना के तहत निगम प्रशासन ने जर्मनी बेस्ड एजी डॉटर्स नामक निजी एजेंसी को चयनित किया है, जो कचरे से बिजली, डीजल व पानी के उत्पादन करेगी.
गुरुवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित स्थायी समिति की बैठक में नगर आयुक्त ने चयनित एजेंसी के साथ एग्रीमेंट करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया.
प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए नगर आयुक्त ने बताया कि कचरा ट्रांसफर स्टेशन बनाने के साथ-साथ स्टेशन से डंपिंग यार्ड तक एजेंसी ही कचरा ट्रांसपोर्ट करेगी. वहीं, 770 रुपये प्रति मीट्रिक टन कचरा खरीदेगी, जिससे निगम को प्रतिवर्ष करीब 24 करोड़ रुपये राजस्व की प्राप्ति होगी. स्थायी समिति ने प्रस्ताव पर मंजूरी देते हुए कहा कि चयनित एजेंसी से 30 दिनों में एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी करें, ताकि शीघ्र प्लांट लगाया जा सके.
एजेंसी 2200 करोड़ रुपये करेगी खर्च : निजी एजेंसी एजी डॉटर्स 2200 करोड़ की लागत से कचरा ट्रांसफर स्टेशन, डंपिंग यार्ड में बिजली, डीजल व पानी उत्पादन करने वाला प्लांट लगायेगी. एजेंसी काम करना शुरू करेगी, तो निगम को सिर्फ डोर-टू-डोर कचरा कलेक्ट कर ट्रांसफर स्टेशन तक पहुंचाना पड़ेगा.
निगम कर्मियों को आजीवन पारिवारिक पेंशन
यदि निगम में कार्यरत कर्मी की सेवानिवृत्ति होने के बाद मौत हो जाती है, तो उनके आश्रितों को सिर्फ पांच वर्षों तक ही पेंशन की सुविधा मिल रही थी. अब निगम कर्मियों के आश्रितों को आजीवन पेंशन की सुविधा मिलेगी.
स्थायी समिति की बैठक में निगम प्रशासन की ओर से प्रस्ताव रखा गया. इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए मेयर सीता साहू व डिप्टी मेयर विनय कुमार पप्पू ने बताया कि निगम कर्मी लंबे समय से मांग कर रहे थे, जिसे मंजूरी दी गयी है. मृत सेवानिवृत्त कर्मियों के आश्रित जीवित हैं तो उन्हें एक अक्तूबर से पेंशन की सुविधा मिलने लगेगी. लेकिन, एक अक्तूबर से पहले की राशि नहीं दी जायेगी.
चयनित किया चार्टर्ड एकाउंटिंग फर्म : वित्तीय वर्ष 2017-18 तक नगर आवास विकास विभाग से प्रतिनियुक्त चार्टर्ड एकाउंटेंट ही डबल इंट्री एकाउंटिंग सिस्टम के तहत हिसाब-किताब रख रहे थे. लेकिन, वर्तमान में डबल इंट्री एकाउंटिंग सिस्टम बंद है. इसको लेकर निजी चार्टर्ड एकाउंटिंग फर्म को तीन वर्षों के लिए चयनित किया गया है जिस पर 3.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे.

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