बेतिया : पटना हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस मुकेश आर शाह ने कहा कि बिहार में चिल्ड्रेन फ्रेंडली कोर्ट बनाने का निर्णय लिया गया है. इस कोर्ट में बच्चों से संबंधित मामले यानि पोक्सो एक्ट में दर्ज मुकदमों की सुनवाई होगी.
इसकी शुरुआत बेतिया से की जा रही है. बेतिया में बिहार का पहला चिल्ड्रेन फ्रेंडली कोर्ट बनाया जायेगा.वह शनिवार को बेतिया सिविल कोर्ट परिसर में नवनिर्मित एडीआर भवन का उद्घाटन कर रहे थे. श्री शाह ने कहा कि बिहार में आने के बाद यह उनका पहला कार्यक्रम है. कहा कि चंपारण की इस पवित्र धरती पर आकर खुद को धन्य मानता हूं कि मेरा पहला कार्यक्रम चंपारण से ही शुरू हुआ है.
जहां से महात्मा गांधी ने अपने सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत की थी. उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी भी गुजरात से यहां आये थे और बिहार को अपनी कर्मभूमि बनाया था. मैं भी गुजरात से हूं और बिहार को अपना कर्मभूमि बनाकर हमेशा बेहतर करने का प्रयास करूंगा. इसके पूर्व चीफ जस्टिस ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया.
उनके साथ बिहार विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. रविरंजन, हाइकोर्ट के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह, अश्विनी कुमार सिंह, एहसानुद्दीन अमानुल्लाह व न्यायमूर्ति सह जिले के निरीक्षी न्यायाधीश चक्रधारी शरण सिंह भी मौजूद थे.
उद्घाटन समारोह के दौरान चीफ जस्टिस ने फीता काटकर नवनिर्मित एडीआर भवन का उद्घाटन किया. उन्होंने कहा कि यह बिल्डिंग यानि मकान के जैसा है, लेकिन इसका उपयोग करके ही इसे घर जैसा बनाया जा सकता है. उन्होंने इस व्यवस्था के तहत मुकदमों का बोझ कम करने की अपील अधिवक्ताओं से की. मौके पर जिला जज अभिमन्यु लाल श्रीवास्तव, डीएम डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे, एसपी जयंतकांत समेत सिविल कोर्ट के सभी न्यायिक पदाधिकारी मौजूद रहे.
