अटल टिंकरिंग योजना के तहत पटना के दो स्कूलों में हाईटेक लैब बन रहे हैं
पटना : नीति आयोग की अटल टिंकरिंग योजना के तहत राज्य भर में चयनित 27 स्कूलों की प्रयोगशालाओं (लैब) को अत्याधुनिक उपकरणों से लैस कर हाइटेक बनाया जा रहा है. इनमें पटना के दो व राज्य के विभिन्न जिलों में स्थित 25 सरकारी व प्राइवेट स्कूल शामिल हैं. लैब में संबंधित स्कूलों के विद्यार्थी 3डी प्रिंटर, रोबोटिक्स व इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट टूल के साथ काम कर सकेंगे. इस योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों के बीच विज्ञान को बढ़ावा देना है. इस लैब के लिए स्कूलों को 12 से 20 लाख रुपये तक की सहायता राशि प्रदान की जाती है.
हाईटेक लैब का फायदा व उद्देश्य : अटल टिंकरिंग लैब में विद्यार्थियों को विज्ञान की नयी तकनीक की जानकारी मिलेगी. साथ ही वे सेंसर पर काम करने वाले आधुनिक सिस्टम से भी अवगत होंगे.
लैब की स्थापना का उद्देश्य युवाओं को कौशल प्रदान करना है, ताकि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दक्षता के साथ आगे बढ़ सकें. इसके साथ ही स्कूल में एक ऐसा माहौल तैयार होगा, जिससे वे नयी-नयी सोच व समझ के साथ संबंधित विषय पर काम कर सकेंगे. कुल मिला कर इससेविद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच को बल मिलेगा. स्कूल में पढ़नेवाले छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को इस लैब का फायदा मिलेगा.
क्या है अटल टिंकरिंग योजना : हाई स्कूलों के विद्यार्थियों के बीच विज्ञान को बढ़ावा देने व शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर बनाने के लिए नीति आयोग ने हाईटेक लैब स्थापित करने की योजना बनायी है. आयोग के इनोवेशन मिशन के तहत देश भर में यह योजना चलायी जाती है. इसके तहत पांच हजार स्कूलों के लैबों को हाईटेक (आधुनिक) बनाने का लक्ष्य है. इसके लिए योजना के तहत चयनित स्कूलों को राशि उपलब्ध करायी जाती है.
राजधानी के चयनित स्कूल : अटल टिंकरिंग योजना के तहत इस वर्ष राजधानी में द त्रिभुवन स्कूल और दिल्ली मॉडल पब्लिक स्कूल को सहायता राशि प्रदान की गयी है.
