पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बिहार बोर्ड) के पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में आनंद किशोर ने शनिवार को पदभार संभाला. इस दौरान अपने कार्यालय कक्ष में संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैट्रिक व इंटर की परीक्षाओं में सख्ती और अधिक बढ़ेगी. इसके साथ ही रिजल्ट और बेहतर हो, यह बोर्ड का लक्ष्य है. इसके लिए योजना बनायी जा रही है. पिछली परीक्षा में सख्ती के साथ ही प्रश्नपत्र के पैटर्न में परिवर्तन किया गया. इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला. इंटरमीडिएट में 17 प्रतिशत व मैट्रिक के रिजल्ट में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई.
लेकिन यह अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं रहा. उन्होंने कहा कि पूर्णकालिक अध्यक्ष के रूप में बोर्ड को और अधिक सुदृढ़ कर देश के शीर्षस्थ बोर्डों में शामिल करना व लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ पहुंचाना उद्देश्य है. इसके तहत बोर्ड को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड करना है. उन्होंने कहा कि प्री एग्जामिनेशन, बारकोडिंग, कंप्यूटराइजेशन, नकल पर पूरी तरह अंकुश के साथ ही सुधारों की कड़ी में 80 प्रतिशत सफलता मिली है, शेष 20 प्रतिशत को भी पूरा किया जायेगा.आनंद किशोर ने बताया कि ओएफएसएस के माध्यम से स्नातक व इंटरमीडिएट में
सफलतापूर्वक एडमिशन चल रहा है.
मूल्यांकन प्रोत्साहन योजना बनेगी
उन्होंने बताया कि उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन में त्रुटि के कारण बोर्ड से लेकर विद्यार्थियों तक को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसे दूर करने के उद्देश्य से मूल्यांकन प्रोत्साहन योजना बनायी जायेगी. त्रुटि रहित मूल्यांकन करनेवाले शिक्षकों को अतिरिक्त इंसेंटिव दिया जायेगा, वहीं गलती करनेवालों को दंडित करने का भी प्रावधान होगा. इसके अलावा कई भावी योजनाएं हैं.
भावी योजनाएं
– बीएसीबीईआरपी की शुरुआत
– ओएफएसएस विंग का गठन, पदाधिकारियों व कर्मियों के पद सृजित होंगे
– रीजनल ऑफिस सेल का गठन
– कॉलेजों की मान्यता की प्रक्रिया
