जरूरी है सामाजिक सुरक्षा और इससे जुड़े कानूनों की जानकारी
एडीजी सीआइडी विनय कुमार ने भी विचार दिये. डीएलएसए एसपी मिश्रा ने भी सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कानूनों की जानकारी दी. कार्यशाला के समन्वयक पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक डा परवेज अख्तर ने बताया कि इस तीन दिवसीय सेमिनार में प्रत्येक जिले के डीएसपी और निरीक्षक को प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
डीजी बिहार पुलिस एकादमी गुप्तेश्वर पांडे ने कहा कि पुलिस के अधिकारी का काम केवल परंपरागत अपराध को रोकना ही नहीं है, उसे सामाजिक परिवर्तन के उपकरण के रूप में अपनी उपयोगिता साबित करनी है.
ऐसा करेंगे तभी पुलिस की छवि सुधरेगी. राज्य में भिखारियों के बड़े-बड़े रैकेट काम कर रहे हैं. कार्यशाला में पुलिस पदाधिकारियों को सलाह दी कि यहां से सीखकर वह जाएं अपने-अपने जिले के सभी थानेदारों को भी सिखायें. पुलिस प्रशिक्षण के कार्यक्रम तो बहुत होते हैं, लेकिन उन पर पुलिस अधिकारियों ने कितना काम किया इसकी माॅनीटरिंग भी होनी चाहिए.
