मसौढ़ी : पुनपुन प्रखंड परिसर स्थित सभागार में मंगलवार को आयोजित पंचायत समिति सदस्यों की बैठक शुरू होते ही प्रखंड प्रमुख गुड़िया कुमारी बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी निवेदिता पर बरस पड़ीं. प्रमुख ने बीडीओ पर कई गंभीर आरोप लगाये. उन्होंने कहा कि बीडीओ न तो जनप्रतिनिधियों को सम्मान देतीं हैं और न ही उनके द्वारा किये पत्राचार का जवाब देना उचित समझतीं हैं. इससे जनप्रतिनिधि आहत हैं.
सदस्यों ने प्रमुख द्वारा उठाये गये प्रश्नों का समर्थन करते हुए जमकर हंगामा भी किया. बाद में सर्वसम्मति से इस मुद्दे को लेकर बीडीओ के
खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाया गया. इधर, सदस्यों द्वारा उठाया गया पहला मुद्दा शांत भी नहीं हुआ था कि उन्होंने बीडीओ के ऊपर दूसरा मुद्दा उठा कर सदन में फिर हंगामा कर दिया. सदस्यों का आरोप था कि सरकार के स्पष्ट निर्देश के बावजूद बीडीओ मुख्यालय में न रह कर पटना से आती-जाती हैं. उनके आने-जाने में सरकार को राजस्व की क्षति होती ही है ऊपर से प्रखंड के विभिन्न गांवों से आये लोगों को बीडीओ के नहीं रहने से परेशानी उठानी पड़ती है.
वहीं, आसन्न अंतरराष्ट्रीय पितृपक्ष मेले के आयोजन में पर्यटन विभाग से मिलने वाली लाखों की राशि का पूर्व में फर्जी एनजीओ के माध्यम से लूट -खसोट के मुद्दे को उपप्रमुख अखिलेश कुमार सिंह व समिति सदस्य शिव कुमारी समेत कुछ सदस्यों ने उठाते हुए इसकी जांच निगरानी से कराने की मांग की. हालांकि, इधर दो वर्षों से मेले में खर्च का जिम्मा निविदा के माध्यम से दिया जा रहा है.बैठक में कल्याणपुर के मुखिया अशोक कुमार ने पंचायत के रोशनचक स्थित प्राथमिक विद्यालय के भवन की राशि निकाल लेने व भवन को अधूरा छोड़ देने का मामला उठाया. बीईओ अखिलेश प्रसाद सिंह ने जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने का आश्वासन दिया.
मुखिया जयप्रकाश पासवान द्वारा संविधान निर्माता भीमराव अांबेडकर की प्रतिमा प्रखंड परिसर में लगाने के पूर्व के प्रस्ताव पर अभी तक कार्यालय से अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं देने का मामला उठाया गया.
साथ ही चेतावनी दी कि अगर प्रशासन अविलंब मंजूरी नहीं देता है तो समर्थकों द्वारा जबर्दस्ती उनकी प्रतिमा की स्थापना प्रखंड परिसर में कर दी जायेगी. पैमार की समिति सदस्य रीना कुमारी ने प्रखंड परिसर स्थित पानी टंकी के पास तीन कमरे का निर्माण कराये जाने का मामला उठाकर बीडीओ को सकते में डाल दिया. उन्होंने पूछा कि उक्त कमरे का निर्माण किसके आदेश पर कराया गया है.
बीडीओ ने इसके प्रति अनभिज्ञता प्रकट करते हुए जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. समिति सदस्य जूली कुमारी ने वर्ष 2003 में पैमार पंचायत में बहाल फर्जी शिक्षक का मामला उठाया. मौके पर मुखिया सतगुरु प्रसाद, अंजनी देवी, मदन पासवान, चिकित्सा पदाधिकारी डाॅ अमीरचंद प्रसाद, कल्याण पदाधिकारी अलका कुमारी व सांख्यिकी पदाधिकारी शशि कांत गुप्ता समेत अन्य लोग मौजूद थे.
