पटना : महज एक प्रतिशत डॉक्टरों के गलत कार्य के कारण चिकित्सा जगत में किये गये 99 प्रतिशत बेहतर कार्य बदनाम हो जाते हैं. मरीज 99 प्रतिशत डॉक्टरों के बेहतर कार्यों को भूल जाते हैं. यह कहना है हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अमुल्या सिंह का. ने ग्लोबल ऑर्थोपेडिक्स फोरम व इंडियन डेंटल एसोसिएशन की ओर से रविवार को आयोजित सेमिनार में बोल रहे थे.
कार्यक्रम का उद्घाटन मुंबई से आये डॉ महेश बल देव ने किया. डॉ महेश ने कहा कि इलाज से पहले डॉक्टरों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि एक प्रतिशत कार्य भी गलत नहीं हो सके. पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह ने कहा कि मरीज को पूरी ईमानदारी से सेवा देना डॉक्टरों का पहला कर्तव्य है. अगर मरीज अस्पताल के अंदर तोड़फोड़ करते हैं तो इस मामले में जांच कर जो दोषी होगा उनके खिलाफ पुलिस हर संभव कार्रवाई करेगी. कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ मनीषा सिंह ने कहा कि सेमिनार के मौके पर 150 से अधिक डॉक्टरों ने शिरकत की.
पटना. बिहार में निमोनिया को लेकर लोगों में जागरूकता देखने को मिल रही है, लेकिन इस जागरूकता को और बढ़ाने की जरूरत है.
क्योंकि वर्तमान समय में भी एक साल में 19 हजार ऐसे बच्चे हैं जिनकी निमोनिया बीमारी से मौत हो जाती है. यह कहना है आईजीआईसी व इंडियन एकेडमिक ऑफ पेडियेट्रिक एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एनके अग्रवाल का. रविवार को शहर के एक होटल में बढ़ते प्रदूषण एवं उसके कुप्रभाव विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया. इसमें प्रदूषण और उससे बचाव के बारे में विस्तार से चर्चा किया गया.
वहीं डॉ अग्रवाल को प्रदूषण के विरुद्ध उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मान के तौर पर अवार्ड दिया गया. गया जिले के 116 आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब 40 प्रतिशत खाना एलपीजी गैस की तुलना में लकड़ी के चूल्हे पर बनते थे, जहां उन्होंने विशेष प्रयास से एलपीजी गैस वितरण कर खाना बनाने की अपील किया. आज संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों पर एलपीजी पर ही खाना बनाया जाता है. ऐसे में अब वे आंगनबाड़ी प्रदूषण से मुक्त हैं. कार्यक्रम के मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद थे.
