मेनू बदल रेलयात्रियों से वसूली जा रही दोहरी कीमत, मांगने पर भी नहीं दिखाते रेट लिस्ट

पटना : पिछले दिनों रेलवे प्रशासन ने अधिकतर ट्रेनों में पेंट्रीकार की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए भोजन सामग्रियों की कीमत तय की थी. इससे उम्मीद जगी थी कि यात्रियों को अब ट्रेनों में असुविधा नहीं होगी. मगर हकीकत में सरकार की यह योजना खोखला दावा साबित हो रही है. हमने इस मामले की आज तहकीकात […]

पटना : पिछले दिनों रेलवे प्रशासन ने अधिकतर ट्रेनों में पेंट्रीकार की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए भोजन सामग्रियों की कीमत तय की थी. इससे उम्मीद जगी थी कि यात्रियों को अब ट्रेनों में असुविधा नहीं होगी. मगर हकीकत में सरकार की यह योजना खोखला दावा साबित हो रही है. हमने इस मामले की आज तहकीकात की तो पता चला कि 50 रुपये के स्टैंडर्ड वेज की कीमत 90 से 100 रुपये वसूली जा रही है. पेंट्रीकार के वेंडर डिब्बे में रेट लिस्ट नहीं रख जाते. संचालक मनमाफिक कीमत वसूल करते हैं. यात्री जब बिल मांगते हैं तो बिल भी नहीं देते हैं.

तय रेट लिस्ट पर नहीं मिलता खान-पान का सामान
गांधी धाम-कामाख्या एक्सप्रेस के पेंट्रीकार का संचालन दीपक एंड को नामक एजेंसी करती है. पेंट्रीकार में बड़े बोर्ड पर तय कीमत प्रदर्शित दिखी, जिसका कोई मतलब नहीं था. क्योंकि स्टैंडर्ड वेज मील में पनीर की सब्जी बढ़ा कर यात्रियों से दोगुनी कीमत वसूली जा रही थी. सात रुपये की चाय व कॉफी 10 रुपये, 61 रुपये की एग बिरियानी 65 व 70 रुपये, 29 रुपये के वेज कटलेट 35 रुपये में बिकती दिखी.
पेंट्रीकार में नहीं दिखी रेट लिस्ट
डिब्रूगढ़ से पटना होते हुए दिल्ली जाने वाली ब्रह्मपुत्र मेल सोमवार को पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या-चार पर पहुंची तो यह प्रभात खबर संवाददाता पेंट्रीकार में गया. आईआरसीटीसी के माध्यम से इस पेंट्रीकार का संचालन ए ला कार्टे नामक एजेंसी कर रही है. हमने प्रदर्शित रेट लिस्ट को खोजना शुरू किया, मगर वह कहीं दिखा नहीं. हालांकि, पेंट्रीकार में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखे रेट लिस्ट प्रदर्शित करने के साथ वेंडरों के पास मेनू कार्ड रखना अनिवार्य बताया गया था. पेंट्रीकार के मैनेजर गोविंद सिंह रजिस्टर से मेनू कार्ड के साथ रेट लिस्ट दिखाया. इस मेनू कार्ड पर स्टैंडर्ड वेज मील की कीमत 50 रुपये और नॉन वेज मील की कीमत 55 रुपये तय है. लेकिन, यात्रियों को वेज मील 90 रुपये और नॉन वेज मील 120 रुपये में मिल रहा था.
डिब्रूगढ़ से दिल्ली जा रहे हैं. घर से लाया खाना खत्म हो गया है, तो पेंट्रीकार से खाना व नाश्ता खरीदना पड़ रहा है. वेंडर से रेट लिस्ट मांगी गयी तो नहीं दिखाया. वेंडर सिर्फ कीमत बताता है और वसूलता है.
रईस शेख, यात्री
पेंट्रीकार में जनता मील की कीमत 20 रुपये तय है, जो मिलता नहीं है. वेज मील में एक आइटम बढ़ा कर 90 रुपये लेते हैं. बिल भी नहीं देते हैं. ट्रेन में कहां-कहां विवाद करें. शिकायत से भी लाभ नहीं है.
संतोष, यात्री
पेंट्रीकार में समोसा से चाय तक सब महंगे हैं. वेंडर से लिस्ट मांगने पर नहीं देता है. मैनेजर से शिकायत करने पर वह भी वेंडर की ही भाषा बोलता है. मजबूरन पेंट्रीकार की तय कीमत पर सामान खरीदते हैं.

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