बिहार : हवाई जहाज छूटा तो सत्संग करने बैठ गये थे अटल जी

बंटी कुमार मोकामा : हवाई जहाज छूटा तो अटल जी सत्संग करने बैठ गये थे. उनमें देवत्व गुणों की भंडार थी. अटल बिहारी वाजपेयी के अतीत की चर्चा कर 84 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता वैंकटेश नारायण सिंह भावुक हो गये. उन्होंने बताया कि इस महान विभूति का मोकामा की धरती पर 1967 में पहली बार […]

बंटी कुमार

मोकामा : हवाई जहाज छूटा तो अटल जी सत्संग करने बैठ गये थे. उनमें देवत्व गुणों की भंडार थी. अटल बिहारी वाजपेयी के अतीत की चर्चा कर 84 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता वैंकटेश नारायण सिंह भावुक हो गये. उन्होंने बताया कि इस महान विभूति का मोकामा की धरती पर 1967 में पहली बार आगमन हुआ था.
बाद में टाल की मिट्टी की सोंधी खुशबू उन्हें नौ बार यहां खींच लायी. यह 1974 की बात है. अटल धनबाद (तब का बिहार) से जनसंघ कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा कर पटना लौट रहे थे. इस दौरान वे पटना जानेवाली ट्रेन में सवार थे. मोकामा में ट्रेन रुकते ही उन्हें अजीज मित्र वैंकटेश नारायण से मिलने की इच्छा हुई. उन्होंने सकरवार टोला स्थित आवास की ओर रुख कर दिया, जबकि उन्हें पटना से दिल्ली जाने के लिए हवाई जहाज पकड़ना था.
ग्रामवासी वाजपेयी की शालीनता के कायल हो गये थे. वैंकटेश नारायण ने अटल जी का आतिथ्य सत्कार किया और अपने निजी वाहन से उन्हें पटना ले गये, लेकिन उनके हवाई अड्डा पहुंचने से पहले हवाई जहाज उड़ान भर चुका था. अटल जी को पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होना था.

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