तीन लाख 73 हजार साइबर सेनानियों के ग्रुप की तैयारी शुरू
पटना : पुलिस के साइबर सेनानी अब सोशल मीडिया की झूठी खबर और अफवाह से राज्य की रक्षा करेंंगे. इसके लिए राज्य भर में तीन लाख 73 हजार सेनानियों की फौज खड़ी करने की तैयारी शुरू हो गयी है. ये सेनानी फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, यूट्यूब, इंस्ट्राग्राम आदि के माध्यम से अराजक तत्वों द्वारा भ्रामक, अविश्वनीय, […]
पटना : पुलिस के साइबर सेनानी अब सोशल मीडिया की झूठी खबर और अफवाह से राज्य की रक्षा करेंंगे. इसके लिए राज्य भर में तीन लाख 73 हजार सेनानियों की फौज खड़ी करने की तैयारी शुरू हो गयी है. ये सेनानी फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, यूट्यूब, इंस्ट्राग्राम आदि के माध्यम से अराजक तत्वों द्वारा भ्रामक, अविश्वनीय, अनावश्यक एवं गैर कानूनी फोटो, वीडियाे और सूचनाओं के वायरल होने से सामाजिक सौहार्द और कानून व्यवस्था प्रभावित न हो इसके लिए काम करेंगे.
थाना, अनुमंडल और जिला स्तर पर इनके व्हाट्सएप ग्रुप बनाये जायेंगे. इस ग्रुप को ‘साइबर सेनानी समूह’ नाम दिया गया है. ये विश्वसनीय जानकारी आम जनता को देेंगे. इस ग्रुप में पुलिस पदाधिकारियों के अलावा जिम्मेदार नागरिक सदस्य होंगे. थाना, अनुमंडल और जिला स्तरीय साइबर सेनानी समूह की मॉनीटरिंग डीजी ईओयू करेंगे. साइबर सेनानी बनने के इच्छुक लेाग थाना, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अथवा एसएसपी ऑफिस में आवेदन देंगे. इसमें उनकी पूरी जानकारी होगी. यह भी लिखना होगा कि उनको थाना अनुमंडल या जिला के ग्रुप में से किस ग्रुप में जुड़ना है. थाना स्तर का साइबर सेनानी बनने के लिए थानेदार, अनुमंडल स्तर के लिए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और एसपी स्तर के ग्रुप का सदस्य बनने के लिए एसपी अनुशंसा करेंगे. कौन साइबर सेनानी बनेगा इसका अनुमोदन एसएसपी करेंगे. किसी के खिलाफ कोई शिकायत आती है या अापराधिक मुकदमा दर्ज होता है तो ग्रुप से बाहर कर दिया जायेगा. आर्थिक अपराध इकाई बिहार पटना ने इन समूहों के लिए कुछ स्लोगन भी तैयार किया है. साइबर सेनानियों के लिए गीत भी तैयार किया गया है.
विधि व्यवस्था की अनेक गंभीर समस्याएं झूठी खबर-अफवाह सोशल मीडिया पर वायरल होने के कारण उत्पन्न हो रही हैं. इन पर नियंत्रण अनिवार्य है. इस संबंध में सोशल मीडिया से अविश्वसनीय संदेशों का फैलाव रोकने एवं सही तथा विश्वसनीय जानकारी आम जनता में प्रेषण के लिए राज्य में पुलिस जनता वाट्सएप ग्रुप ‘ साइबर सेनानी समूह ‘ की स्थापना की गयी है.
केएस द्विवेदी, डीजीपी
कहां कितने साइबर सेनानी बनाये जायेंगे
थाना स्तर पर 100, अनुमंडल स्तर पर 200 साइबर सेनानी बनाये जायेंगे. इस प्रकार राज्य में 1075 थानों, 225 आउट पोस्ट, 115 अनुमंडल एवं 44 पुलिस जिलों में ये साइबर सेनानी पुलिस के साथ मिल कर साइबर जगत को लाभप्रद, उपयोगी एवं सुरक्षित बनाये रखने में अपना योगदान देंगे. एक व्हाट्सएप ग्रुप में सदस्यों की संख्या अधिकतम 256 होगी. साइबर सेनानियों की संख्या पूरे राज्य में प्रथम चरण में 145900 एवं अधिकतम 373504 हो सकती है.
इनको मिलेगी तरजीह : डाॅक्टर, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, वकील, रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी, एमएलए, एमएलसी, मुखिया, सरपंच, छात्र संगठनों के प्रतिनिधि, महिला संगठनों के प्रतिनिधि, एनसीसी कैडेट्स, विभिन्न व्यावसायिक संगठन के प्रतिनिधि आदि.