पटना : राजधानी से गुजरने वाली गंगा नदी में जल्द ही फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की सुविधा शुरू होने जा रही है. यह सुविधा फिर से शुरू होने जा रही है. अब गंगा की लहरों के बीच आमलोग जल्द ही खाने और पार्टी मनाने का लुफ्त उठा सकेंगे.
लहरों पर अठखेलियां करने वाले इस तैरते रेस्टोरेंट के प्रोजेक्ट को हकीकत में उतारने से संबंधित कवायद पर्यटन विभाग ने शुरू कर दी है. विभागीय स्तर पर जल्द ही इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने जा रहा है. टेंडर में जो कंपनी पर्यटन विभाग को ज्यादा रेट कोट करेगी या ज्यादा राजस्व देने का करारनामा करेगी, उसे इसके संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जायेगी. इसमें रेस्टोरेंट से लेकर अन्य सभी बंदोबस्त संबंधित कंपनी को ही करना है. ग्राहकों से इसमें सफर करने के लिए एक निश्चित शुल्क लिया जायेगा. अंदर खाने-पीने के लिए सामान के हिसाब से अलग-अलग रेट लगेंगे. इसकी पूरी कार्ययोजना विभागीय स्तर पर तैयार कर ली गयी है. जल्द ही इसे मूर्त रूप दे दिया जायेगा.
अब तक की सूचना के अनुसार, यह रेस्टोरेंट रोजाना शाम को 5 से 9 बजे तक कई ट्रिप लगायेगा. गांधी घाट से खुलने के बाद यह एक तरफ बांस घाट और दूसरी तरफ दीदारगंज तक का सफर तय करेगा.
इस पूरे रूट के दौरान रास्ते में भी सवार होने के लिए कुछ स्थानों पर स्टेशन बनाने की योजना है. फिलहाल इसके लिए स्थान चयन करने से लेकर इसका अंतिम रूट फाइनल करने से लेकर अन्य सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जा रहा है. इसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पायेगी. इस रेस्टोरेंट की बुकिंग दिन में पार्टी या अन्य समारोह के लिए भी किया जा सकेगा. लोग इसे दिन में मौज-मस्ती करने के लिए भी उपयोग कर सकते हैं. देर शाम के बाद इसका परिचालन बंद रहेगा.
तकनीकी खराबी आने के बाद से बंद पड़ा है क्रूज
गंगा की लहरों पर फ्लोटिंग रेस्टोरेंट चलाने का यह आइडिया नया नहीं है. करीब दो-तीन साल पहले भी एक फ्लोटिंग रेस्टोरेंट चला करता था, लेकिन इसमें तकनीकी खराब आने के कारण इसका क्रूज आज तक महात्मा गांधी घाट पर खड़ा है. इस फ्लोटिंग रेस्टोरेंट को बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के स्तर पर ही चलाया जाता था.
विभागीय स्तर पर न तो इसकी मेंटेनेंस की समुचित व्यवस्था की गयी और न ही इसके परिचालन के लिए कोई ठोस व्यवस्था ही की गयी. इस वजह से यह आज बेकार पड़ा हुआ है. इससे सबक लेते हुए अबकी बार विभाग इस प्रोजेक्ट को किसी निजी कंपनी को सौंपना चाहता है. ताकि इसका मेंटेनेंस भी होता रहे और यह चलता रहे. फिलहाल इसकी सभी प्रक्रियाएं नये स्तर से शुरू कर दी गयी है.
