पटना : नौ जिलों में खनिज के संकेत, भागलपुर में शुरू होगी कोयले की खुदाई

पटना : झारखंड से अलग होने के बाद खनिज संपदा के मामले में दिवालिया हो चुके बिहार को आने वाले समय में कई खनिजों की सौगात मिल सकती है. राज्य के नौ जिलों में खनन के दौरान कई खनिज मिलने के संकेत मिले हैं. इनमें भागलपुर, बांका, गया, कैमूर, रोहतास, नवादा, जमुई, मुंगेर और जहानाबाद […]

By Prabhat Khabar Print Desk | August 2, 2018 8:42 AM
पटना : झारखंड से अलग होने के बाद खनिज संपदा के मामले में दिवालिया हो चुके बिहार को आने वाले समय में कई खनिजों की सौगात मिल सकती है. राज्य के नौ जिलों में खनन के दौरान कई खनिज मिलने के संकेत मिले हैं. इनमें भागलपुर, बांका, गया, कैमूर, रोहतास, नवादा, जमुई, मुंगेर और जहानाबाद जिले शामिल हैं. यहां कोयला, टाइटेनियम, चूना पत्थर, माइका, बॉक्साइट, मैग्नेटाइट आदि मिलने की संभावना है.
जीएसआई के सर्वेक्षण में भागलपुर जिले में कोयले का अनुमानित भंडार करीब 1366.75 मीट्रिक टन पाया गया है. इसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी गयी है. यहां बहुत जल्द कोयले की खुदाई शुरू होने की संभावना है. इससे बिहार की आर्थिक स्थिति सुधरेगी और लोगों को बड़े पैमाने पर रोजी-रोजगार मिलेगा.
खान एवं भूतत्व विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण का काम बिहार के कई जिलों में चल रहा है. इस दौरान भागलपुर जिले के श्रीनगर और लक्ष्मीपुर प्रखंड में कोयले की खोज अंतिम चरण में है.
गया जिला के इमामगंज प्रखंड में प्लेटिनम, निकेल और क्रोमियम के अन्वेषण का काम चल रहा है. यह मार्च 2020 तक पूरा होने की संभावना है. बांका जिले के बेलहरिया में आरईई और रेयर अर्थ मेटल का अन्वेषण मार्च 2019 तक पूरा होने की संभावना है.
टाइटेनियम, चूना पत्थर की खोज
कैमूर जिले के अधौरा क्षेत्र में और इसके चारों ओर टाइटेनियम, वैनेडियम और गैलियम का अन्वेषण कार्य मार्च 2019 तक पूरा होने की संभावना है. वहीं, भगवानपुर में भी कोंग्लोमिरेट बेड की खोज चल रही है. यह मार्च 2019 तक पूर्ण हो जायेगा. रोहतास जिले के भोरा कटरा में चूना पत्थर की खोज चल रही है. यह काम मार्च 2019 तक पूरा होने की संभावना है. इस जिले के नोहटा में पोटास की खोज अब एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है. जमुई जिले के मंजोस गांव में मैग्नेटाइट की खोज हो रही है.

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