पटना : नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिसिन विभाग में पिछले 3 दिनों से जमा बारिश का पानी निकालने का काम चल रहा है. सोमवार को विभाग के आईसीयू से बारिश का पानी निकाला गया है. स्वास्थ्य प्रबंधक श्याम कुमार ने बताया कि आईसीयू से पानी निकालने के बाद उसकी सफाई करायी जा रही है. वहीं, वार्ड में भी पानी निकालने का काम चल रहा है.
दूसरी तरफ विभाग में पैथोलॉजी जांच बारिश के जमा पानी से मशीन डूबने के कारण बंद कर दिया गया है. मशीन को सुखाने के बाद पुनः जांच आरंभ होगी. जबकि, अस्पताल परिसर में कायम जलजमाव की स्थिति यथावत है. अस्पताल प्रशासन पानी निकासी के काम में लग कर संप हाउस के दो मोटर को चलाकर करा रही है. अधीक्षक डॉक्टर चंद्रशेखर ने बताया कि पानी निकासी का काम सुचारु ढंग से कराया जा रहा है.
विदित हो कि अस्पताल के ICU वार्ड में भी पानी घुस गया था. स्थिति इस कदर थी कि वार्ड में घुटने तक पानी लग गया था और उसमें कीड़े साफ तौर परतैरते नजर आ रहे थे़ बारिश का पानी जमा होने से मरीजों और कर्मियों की परेशानी बढ़ गयी थी. जानकारी के मुताबिक एनएमसीएच के मरीजों को दूसरे ब्लॉक में सिफ्ट किया गया है.
एक तरफ जहां एनएमसीएच में जल-जमाव से मरीजों व परिजनों की परेशानी बढ़ गयी है. वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय इस मुद्दे पर कुछ बोलना भी मुनासिब नहीं समझा. दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शिमला पहुंचे थे. वहां, जब पत्रकारों ने एनएमसीएच में हुए जल-जमाव पर पूछा तो मंत्री- एक मिनट रुक न जाओ भईया कहते खुद चलते बने.
वहीं, शहर में जम-जमाव को लेकर राजधानी में सियासत भी तेज हो गयी है. इस मामले में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने सीएम पर निशाना साधते हुए तेजस्वी ने ट्विट कर कहा कि यह है नीतीश कुमार का विकास मॉडल. एनएमसीएच का आईसीयू नाली के पानी में तैर रहा है. आईसीयू में मछलियां भी तैर रही है. विपक्ष आरोप पर पलटवार करते हुए जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पटना एक महानगर है. शहर की बनावट वर्षों पहले की है. जलजमाव की समस्या आज की नहीं है. सरकार तत्पर है. सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनएमसीएच अस्पताल से पानी को निकाल लिया गया है. इसके साथ ही जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि शहर में हुए जल-जमाव को लेकर नगर निगम मॉनीटरिंग कर रहा है.
