पटना : फतुहा कस्बे की गली-कूचों में करीब दर्जन भर से अधिक आवासीय विद्यालय संचालित (सेफाली इंटरनेशनल घटनाक्रम के बाद अब अस्थायी तौर पर बंद हैं) हैं. इन आवासीय विद्यालयों का ढांचा एवं पर्यावरणीय माहौल बिल्कुल खराब है. बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों में सुरक्षा के पास समुचित प्रबंध तक नहीं हैं. यही वजह है कि एक बच्चे की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गयी और उसकी चीख तक किसी ने नहीं सुनी.
सेफाली इंटरनेशनल आवासीय विद्यालय के हॉस्टल को ही लें, बेहद संकरी बहुमंजिली इमारत में है. जाली युक्त खिड़की से बाहर से झांकने पर भी उसमें प्रकाश तक नहीं पहुंच पाता. इस बिल्डंग में अभी भी कई परिवार रह रहे हैं. एक्सपर्टस के मुताबिक अगर शासन के नियमानुसार अगर वार्डन एवं अन्य कर्मचारी होते तो अभिमन्यू की की जान इतनी आसानी से नहीं जाती. फिलहाल प्रभात खबर ने मौके पर जाकर तमाम फतुहा के आवासीय विद्यालयों से जुड़े हॉस्टलों पर मौका मुआयना किया तो पता चला कि उनका प्रबंधन बेहद लचर है.
सिर्फ गार्ड के भरोसे संचालित है विद्यालय
लाखों रुपये फीस वसूलने के बाद भी बच्चों की देखरेख के लिए न तो इनके हॉस्टलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करने किसी पेशेवर प्रबंधक तक नियुक्त नहीं किये गये हैं. न ही इन हॉस्टलों में बच्चों की देखरेख के लिए वार्डन तैनात हैं, जबकि नियमानुसार किसी भी हॉस्टल में इन सभी पदों पर स्टॉफ की तैनाती जरूरी है. केवल इमारत की सुरक्षा के लिए तैनात गार्ड के भरोसे यह आवासीय विद्यालय संचालित हैं. फतूहा और आसपास के कुछ हॉस्टलों में तो गार्ड भी तैनात नहीं हैं.
फतुहा के आवासीय स्कूल हों या दूसरे स्कूल सभी संकरी गलियों में हैं. अगर दुर्योग से यहां आग लग जाये तो उसे बुझाने के लिए फायर ब्रिगेड भी नहीं पहुंच सकती. किसी भी भवन में अग्निशमन यंत्र भी नहीं हैं. आज भी सेफाली इंटरनेशनल हॉस्टल के जिस गेट को सील बताया जा रहा है,उसमें केवल एक ताला लगा है. गजब की बात यह है कि इस हॉस्टल को सील बताया जा रहा है. जबकि उस हॉस्टल का ताला खोलकर कभी भी घुस सकता है और घटना से जुड़े तमाम साक्ष्यों से छेड़छाड़ की जा सकती है.
क्या हैं जरूरी मापदंड
खाना रखने के लिए एयर टाइट बर्तन
सुबह मॉर्निंग असेंबली से लेकर नाश्ता, क्लास, खाना, खेल के मैदान व सोने के वक्त भी अटेंडेंसस्कूल परिसर के जरूरी हिस्सों में सीसीटीवी और यह भी सुनिश्चित करना कि वह काम कर रहे हैंबस, ड्राइवर, कंडक्टर, चपरासी व अन्य सहायक स्टाफ का वेरिफिकेशन और साइकोमेट्रिक टेस्ट सहायक स्टाफ को केवल अधिकृत एजेंसी से ही लिया जाये और उचित रिकॉर्ड भी स्कूल के पास हो.
सुरक्षा की जरूरतों को पूरा करने के लिए अभिभावक-शिक्षक व छात्र कमेटी का गठन स्कूल में बाहरी लोगों के प्रवेश से पूर्व जांच-पड़ताल व सीसीटीवी कैमरे से निगरानी कर्मचारियों को उनकी जिम्मेदारी बताना, ताकि यदि वे किसी बच्चे के साथ किसी भी प्रकार का गलत व्यवहार होता देखें, तो उनकी रक्षा कर सकेंस्कूल के नोटिस बोर्ड पर स्कूल की ओर से गठित कमेटियों की जानकारी उपलब्ध करना.
