सेक्टर प्रणाली लागू होने के बाद भी लग रहा जाम

पटना : नौ जुलाई से पटना शहर में नयी ट्रैफिक सेक्टर प्रणाली लागू है पर अब तक उसका कोई असर नहीं दिखा है. नई व्यवस्था लागू करते समय शहर के ट्रैफिक परिचालन में आमूलचूल बदलाव की उम्मीद जाहिर की गयी थी और सुधार के बड़े-बड़े दावे किये गये थे, लेकिन 13 दिन बीतने के बाद […]

पटना : नौ जुलाई से पटना शहर में नयी ट्रैफिक सेक्टर प्रणाली लागू है पर अब तक उसका कोई असर नहीं दिखा है. नई व्यवस्था लागू करते समय शहर के ट्रैफिक परिचालन में आमूलचूल बदलाव की उम्मीद जाहिर की गयी थी और सुधार के बड़े-बड़े दावे किये गये थे, लेकिन 13 दिन बीतने के बाद भी न तो ट्रैफिक व्यवस्था सुधरी है न जाम घटा है. हर दिन सुबह-शाम पीक आवर में पटना की मुख्य सड़कों पर वाहन रेंगते रहते हैं और कई जगहों पर घंटों जाम लगा रहता है. इस कारण लोगों को अब भी परेशानी हो रही है.
सेक्टर प्रभारियों को दी गयी है जिम्मेदारी
पहले एक अधिकारी के जिम्मे काफी बड़ा क्षेत्र होता था, जिससे उसके लिए जिम्मेदारियों को वहन करना काफी मुश्किल भरा होता था, लेकिन नयी व्यवस्था के तहत पूरे जिले की यातायात व्यवस्था को 39 ट्रैफिक सेक्टरों में बांट कर उनके सेक्टर प्रभारियों को अपने क्षेत्र के पूरे यातायात परिचालन के लिए जिम्मेवार बनाया गया. उम्मीद थी कि क्षेत्र छोटा होने से अधिकारी अधिक बेहतर ढ़ंग से काम कर सकेगा. अक्सर जाम लगने वाले स्थलों पर विशेष चौकसी बरतेगा और जाम को जल्द से जल्द हटाने का प्रयास करेगा. लेकिन व्यवहार में यह अब तक नहीं दिखा है.
मानव बल व संसाधन में अपेक्षित वृद्धि नहीं
नयी ट्रैफिक सेक्टर प्रणाली को लागू करते समय ट्रैफिक एसपी पीएन मिश्र ने हर ट्रैफिक सेक्टर को पर्याप्त संख्या में सिपाही व अधिकारी देने और एक-एक मोटरसाइकिल दस्ता देने की बात कही थी, लेकिन इस दिशा में भी अब तक कुछ खास नहीं हुआ है. कम मानव बल व संसाधन के कारण पहले भी यातायात पुलिस अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को वहन करने में व्यावहारिक कठिनाइयां आती थी और यह समस्या अब भी यथावत बनी है, जिससे व्यवस्था परिवर्तन भी बेअसर हो गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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