कुल 28 सदस्यों में से छह ने ही विशेष बैठक में लिया हिस्सा
मसौढ़ी : धनरूआ प्रखंड प्रमुख व उपप्रमुख के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव शुक्रवार को बहुमत के अभाव में निरस्त घोषित कर दिया गया और दोनों की कुर्सी कायम रह गयी. गौरतलब है कि बीते नौ जुलाई को धनरूआ प्रखंड के 11 पंचायत समिति सदस्यों के हस्ताक्षर से प्रखंड प्रमुख सोहाना जेवी खातून व 10 सदस्यों के हस्ताक्षर से उपप्रमुख सुरबिला देवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव संबंधी नोटिस दी गयी थी. इस नोटिस के आलोक में शुक्रवार को पंचायत समिति सदस्यों की विशेष बैठक प्रखंड परिसर स्थित स्वर्ण जयंती भवन में आहूत की गयी. कुल 28 पंचायत समिति सदस्यों में से प्रमुख व उपप्रमुख समेत मात्र छह सदस्य ही इस विशेष बैठक में उपस्थित हो सके.
बैठक के एक घंटे बाद भी जब इन छह सदस्यों के अलावा कोई अन्य सदस्य सदन में नहीं पहुंचे तो बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी रामजी पासावन ने सदन की कार्यवाही के संचालन के लिए सबसे पहले उपस्थित सदस्यों से अपने में से एक सदस्य को बतौर अध्यक्ष चुन लेने का आग्रह किया. इसके बाद कोसुत पंचायत समिति सदस्य विष्णु सिंह को अध्यक्ष चुना गया. उन्होंने बारी-बारी से प्रमुख व उपप्रमुख पर अविश्वास प्रस्ताव के तहत लगाये गये आरोपों को पढ़कर सुनाया.
सदस्यों द्वारा बहस में आरोपों को बेबुनियाद बताने के बाद प्रमुख व उपप्रमुख ने भी बारी-बारी से अपने पर लगाये गए आरोपों को खारिज कर दिया. इसके बाद प्रमुख व उपप्रमुख के खिलाफ प्रस्तुत अविश्वास प्रस्ताव को निरस्त घोषित कर दिया गया. इस मौके पर उपस्थित अन्य समिति सदस्यों में धर्मेंद्र रजक (नदवां), अनिता देवी (बारीबीगहा) व रेणु देवी (डेवां) शामिल थीं.
अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद जैसे ही प्रमुख सोहाना जेवी खातून व उपप्रमुख सुरबिला देवी सदन से बाहर निकलीं समर्थकों ने उन्हें फूल माला से लाद दिया.
मौके पर राजकिशोर प्रसाद,पूर्व जिप अध्यक्ष नूतन पासवान, मो शाहिद, पूर्व मुखिया भूषण यादव, वेद प्रकाश, ललन आजाद, जयनंदन यादव, उमेश यादव, छोटन सिंह आदि मौजूद थे.
