पटना : बिहार सरकार में संविदा पर काम करने वाले पांच लाख से अधिक कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों की तर्ज पर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है. इसका लाभ पांच लाख से अधिक संविदाकर्मियों को मिल सकता है.
पूर्व मुख्य सचिव अशोक कुमार चौधरी की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति अपनी रिपोर्ट 12 अगस्त से पहले सौंप सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चौधरी का कार्यकाल 12 अगस्त को खत्म होने वाला है. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि वह अपनी रिपोर्ट सरकार को दे देंगे. 15 अगस्त को संविदाकर्मियों के हित में कई घोषणाएं हो सकती हैं.
मिल सकती हैं ये सुविधाएं
60 साल की उम्र तक कांट्रैक्ट होंगे. हर साल रिनुअल नहीं होगा.
बेसिक सैलरी के हिसाब से महंगाई भत्ता दिया जायेगा.
मेडिकल की सुविधा दी जायेगी.
यात्रा और घर का भत्ता भी दिया जायेगा.
ईपीएफ खाते में पैसे जमा किये जायेंगे.
कैजुअल लीव और अर्न लीव छुट्टी की सुविधा मिलेगी.
महिलाओं को प्रेगनेंसी के लिए पांच महीने की छुट्टी मिलेगी.
पुरुषों को भी पिता बनने की छुट्टी मिलेगी.
